तेलंगाना के जगतियाल जिले में दलित लेखक कांचा इलैया पर बुधवार को कोर्ट के बाहर चप्पल से हमला किया गया. प्रदर्शनकारियों ने उन पर अंडे भी फेंके. वहां मौजूद पुलिस ने यह सुनिश्चित किया वो सुरक्षित रूप से कार में बैठ जाए. यह घटना तब हुई जब वह कोरूतला कोर्ट से बाहर निकलकर अपनी कार में बैठने जा रहे थे.
बता दें कि कांचा इलैया की किताब 'सामाजिका स्मगलेर्लु कोमाटोलु' का विरोध हो रहा है. इस किताब में वैश्य समुदाय के सदस्यों को सामाजिक तस्कर कहा गया है. किताब का आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे दो तेलगु प्रभावी राज्यों में व्यापक विरोध हो रहा है.
माफी मांगने से किया इनकार
सामुदायिक संगठनों ने कांचा इलैया से माफी मांगने की मांग की थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया.
इससे पहले भी हुआ था हमला
इससे पहले सितम्बर महीने में भी उनके ऊपर हमला हुआ था. वारंगल जिले में वैश्य समुदाय के लोगों ने लेखक को निशाने पर लेकर उन पर चप्पल फेंकी थी. कांचा यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे. जैसे ही प्रदर्शनकारियों को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने वहां पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी थी. प्रदर्शनकारियों के हमले से बचने के लिए कांचा को पुलिस स्टेशन में शरण लेनी पड़ी थी.
केशवानंद धर दुबे