अम्मा के आरके नगर में ‘वोट के बदले नोट’

तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के निर्वाचन क्षेत्र रह चुके आर के नगर से चुनावी जालसाजी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. इस विधानसभा क्षेत्र के लिए गुरुवार 21 दिसंबर को उपचुनाव होना है. यहां राजनीतिक दलों से जुड़े अहम लोग वोट के बदले नोट देने की बात खुलेआम कह रहे हैं. इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टिगेटिव टीम की जांच से ‘वोट के बदले नोट’ का ये गोरखधंधा बेनकाब हुआ है. 

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तमिलनाडु में थमा प्रचार तमिलनाडु में थमा प्रचार

खुशदीप सहगल / मो. हिज्बुल्लाह / आशीष पांडेय

  • आरके नगर, चेन्नई,
  • 19 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 6:42 PM IST

तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के निर्वाचन क्षेत्र रह चुके आर के नगर से चुनावी जालसाजी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. इस विधानसभा क्षेत्र के लिए गुरुवार 21 दिसंबर को उपचुनाव होना है. यहां राजनीतिक दलों से जुड़े अहम लोग वोट के बदले नोट देने की बात खुलेआम कह रहे हैं. इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टिगेटिव टीम की जांच से ‘वोट के बदले नोट’ का ये गोरखधंधा बेनकाब हुआ है.  

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बता दें कि इस साल अप्रैल में आरके नगर विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव होना था. लेकिन तब स्वास्थ्य मंत्री सी विजय भास्कर के खिलाफ आयकर विभाग के छापों के बाद उपचुनाव को रद्द कर दिया गया था. इन छापों के दौरान वोटरों को घूस देकर वोट खरीदने के पुख्ता सबूत मिले थे. लेकिन लगता है कि आरके नगर में आठ महीने बाद भी कुछ नहीं बदला.

इंडिया टुडे ने अपनी जांच में पाया है कि चुनाव कैम्पेन में लगे लोग 21 दिसंबर के उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए नकदी का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं.    

चुनाव आयोग के कड़ी निगरानी संबंधी दावों को ताक पर रखकर कुछ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी वोटरों को घूस देकर नतीजे को प्रभावित करने में जुटे हैं जो सरासर चुनाव प्रक्रिया से खिलवाड़ है.  

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आरके नगर के वॉशरमेनपेट के पड़ोस में स्थित AIADMK  के दफ्तर में पार्टी का तंजावुर जिले का सर्किल सुपरवाइजर दक्षिण मूर्ति ये कबूल करते कैमरे में कैद किया गया कि उसने हर वोटर 6000 रुपए के हिसाब से रकम बांटी है.

मूर्ति ने कहा, ‘अभी हम 6000 रुपए दे रहे हैं. बाद में इससे कहीं ज्यादा हमें मुनाफा होगा. गरीब लोग नकदी के अलावा और कुछ बेहतर नहीं समझते.’ चुनाव आयोग की ओर से आरके नगर उपचुनाव के लिए क्षेत्र में हर वक्त कड़ी निगरानी के दावों की हवा निकालते हुए मूर्ति ने खुलम्मखुल्ला नकदी को बांटना स्वीकार किया.   

रिपोर्टर ने मूर्ति से जानना चाहा, ‘एक वोट के लिए 6000 रुपए. ये बांटे जाना कब शुरू होगा.’  इस पर जवाब मिला, ‘ये तो हो भी चुका है. मैंने सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच जाकर बांट दिए. अगर आप घरों की बात करें तो वहां 100 से 150 घर थे.’

आरके नगर में ‘वोट के बदले नोट’ का ये गोरखधंधा हर तरफ फैला दिखा.

आरके नगर में डीएमके के बूथ सुपरवाइजर वी विश्वनाथन ने इंडिया टुडे की इंवेस्टिगेटिव टीम को नकदी के अपने पूरे अर्थशास्त्र के बारे में बताया. विश्वनाथन ने कहा, ‘2.42 लाख वोटों में से 1.68 लाख वोट पड़ेंगे. इनमें से हमें 75,000 वोट हासिल करने हैं.’

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अंडरकवर रिपोर्टर ने जानना चाहा, ‘आपको इसके लिए कितने वोट खरीदने होंगे.’  

विश्वनाथन ने जवाब दिया, ‘करीब एक लाख’.

विश्वनाथन ने विस्तार से बताया, ‘हमें 2000 रुपए प्रति वोट के हिसाब से सोचना होगा. पिछली बार हमने 2000 रुपए (प्रति वोट) ही दिए थे.’

विश्वनाथन ने स्वीकार किया कि अप्रैल में उपचुनाव (जो रद्द हो गया था) से पहले उसकी पार्टी (डीएमके) ने संभावित वोटरों को 30 करोड़ रुपए बांटे थे. विश्वनाथन ने कहा ‘पिछली बार हम बांट चुके थे. अप्रैल में चुनाव रद्द हो गया. हम 30 करोड़ बांट चुके थे.’

आरके नगर उपचुनाव ना सिर्फ मौजूदा सीएम EPS (इडापड्डी पलानिस्वामी) और पूर्व सीएम OPS (ओ पन्नीरसेल्वम) के लिए बल्कि शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनकरण के लिए भी बहुत अहम है. दिनाकरण उपचुनाव के लिए जोरशोर से प्रचार कर रहे हैं.

इंडिया टुडे के रिपोर्टर्स ने दिनकरण की करीबी सुकन्या से बात की. सुकन्या ने कबूल किया कि उसका काम ये सुनिश्चित करना है कि वोटरों को पैसा मिल जाए और टीटीवी कैंप को उनके वोट. सुकन्या ने खुलासा किया कि उनका कैंप प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले 1000 रुपए ज्यादा वोटरों को ऑफर कर रहा है.  

सुकन्या ने कहा, ‘हमारी ओर से एक हजार रुपए ज्यादा देने की पेशकश है. अगर कोई 6000 रुपए दे रहा है तो हम 7000 रुपए देंगे. मुझे पैसा मिला है जो 40 सदस्यों को बांटने के लिए दिया जाना है. ये सारे नोट 2000 रुपए के नोट हैं. अगर 6000 रुपए हैं तो 2000 के तीन नोट दिए जाएंगे. देखना पड़ता है वहां कितने वोट हैं. टिक करके पैसे बांट दिए जाते हैं. लिस्ट पहले ही तैयार की जा चुकी है. बिना किसी संदेह. सिर्फ नकदी का वितरण.’

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सुकन्या ने ये भी बताया कि उनके काम में दरवाजे-दरवाजे जाना शामिल है. सुकन्या ने कहा, ‘वहां 1,240 वोट हैं. दस घरों में 50 वोट कवर होते हैं. 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10. यही सब और बात खत्म.’

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