तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने एसोसिएशन को पदाधिकारियों के चुनाव कराने की इजाजत दी, लेकिन चुनाव का जो भी परिणाम होगा वो कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अयोग्यता केवल पदाधिकारियों तक ही सीमित रहेगी.
सुप्रीम कोर्ट से तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन को राहत मिली है. अदालत ने शुक्रवार को तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन अपने पदाधिकारियों का चुनाव कराने की अनुमति दे दी है. हालांकि अदालत ने कहा है कि चुनाव का जो भी परिणाम होगा वो कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अयोग्यता केवल पदाधिकारियों तक ही सीमित रहेगी.
जस्टिस एस ए बोड़े और जस्टिस एल नागेश्वर राव की एक खंडपीठ ने कहा कि तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव तो करवा सकता है लेकिन नतीजों का ऐलान नहीं करेगा. तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से अदालत में पेश हो रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अदालत से दरख्वास्त की और कहा कि तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन को कम से कम चुनाव करवाने की इजाजत दी जाए.
अदालत में बीसीसीआई के वकील ने कहा कि तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन देश के उन चुनिंदा क्रिकेट संगठनों में है जो बीसीसीआई के संविधान को नहीं मानता है. अदालत ने कहा कि सभी राज्य क्रिकेट निकाय संविधान के उन प्रावधानों को छोड़कर सभी का पालन करें जिन्हें अदालत में चुनौती दी गई है.
संजय शर्मा