SC में वी सुब्रमण्यम की नियुक्ति पर न्यायमूर्ति आर भानुमति ने जताई आपत्ति, CJI को लिखा पत्र

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को लिखे पत्र में न्यायमूर्ति भानुमति ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वी रामासुब्रमण्यम को सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त करने के कोलेजियम के निर्णय पर आपत्ति जताई है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 05 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:20 AM IST

  • न्यायाधीश आर भानुमति ने नियुक्तियों में वरिष्ठता का ध्यान रखने का किया अनुरोध
  • संजीव खन्ना की नियुक्ति पर न्यायाधीश एसके कौल ने भी जताई थी नाराजगी

जजों की प्रोन्नति को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के जजों में मतभेद एक बार फिर सामने आ गया है. न्यायामूर्ति एसके कौल द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जजों की वरिष्ठता का मुद्दा उठाए जाने के बाद अब न्यायमूर्ति आर भानुमति ने जजों की आल इंडिया रैंकिंग के अनुसार वरिष्ठता सूची में नीचे मौजूद एक जज को हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बना दिए जाने पर आपत्ति जताई है.

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सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के जजों की वरिष्ठता सूची में छठे नंबर पर मौजूद न्यायमूर्ति भानुमति ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम के अन्य सदस्यों से सर्वोच्च न्यायालय की नियुक्तियों में वरिष्ठता सूची का ध्यान रखने का अनुरोध किया है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को लिखे पत्र में न्यायमूर्ति भानुमति ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वी रामासुब्रमण्यम को सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त करने के कोलेजियम के निर्णय पर आपत्ति जताई है. न्यायामूर्ति भानुमति ने कहा है कि मणिपुर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रामालिंगम सुधाकर पर वी सुब्रमण्यम को तरजीह दी गई, जबकि वह वरिष्ठ थे.

गौरतलब है कि न्यायामूर्ति भानुमति सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति करने वाले कोलेजियम की सदस्य नहीं हैं, लेकिन किसी भी न्यायाधीश की सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्ति से पहले उसी हाईकोर्ट से आने वाले न्यायाधीश की राय मुख्य न्यायाधीश द्वारा लिए जाने की परंपरा रही है. न्यायमूर्ति भानुमति मद्रास हाईकोर्ट से आती हैं और मद्रास हाईकोर्ट को ही न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति सुधाकर ने भी अपनी मातृ संस्था बताया है.

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बता दें कि कुछ माह पूर्व न्यायमूर्ति संजय कौल ने भी वरिष्ठता सूची में 33वें स्थान पर रहे दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजीव खन्ना की नियुक्ति पर नाराजगी जताई थी. न्यायमूर्ति कौल ने भी तब मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को पत्र लिखा था.

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