पहले से ही बाढ़ की मार झेल रहे असम के माजुली में रविवार की देर रात आए तूफान ने ऐसा कहर बरपाया की सैकड़ों घर तिनके की तरह उड़ कर तबाह हो गए. माजुली के चेरपाई और सेराम गांव में सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं. रविवार की रात तूफान का ऐसा कहर बरपा कि लगभग 400 घरों की छतें उजड़ गईं. तूफान के बाद इस गांव का मंजर शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. बड़े-बड़े विशालकाय पेड़ तूफान से हार कर टूटे पड़े हैं तो बिजली के तार हवा की जगह सड़कों पर लेट गई है. गांव में अब अंधेरा अगले कुछ दिनों के लिए इनका नसीब है.
आपको बता दें कि माजुली दुनिया का सबसे बड़ा मीठे पानी के बीच बसा हुआ आइलैंड है. बेकाबू ब्रह्मपुत्र ने पहले ही माजुली में तबाही का सैलाब ला दिया है. जो गांव ऊंचे इलाकों में बसे थे वो रविवार को आए तूफान का शिकार हो गए.
विवेकानंद अपने परिवार के साथ एक बांस के कच्चे घर में रहते हैं. तूफान ने घर का एक हिस्सा जमींदोज कर दिया है. तूफान की रफ्तार इतनी थी कि घर से उड़ी टीन की छत दूर पेड़ों पर जा कर लटक गई. जगह-जगह बड़े-बड़े पेड़ गिरे पड़े हैं जिन्हें गांव वालों ने काट कर रास्ते को दोबारा खोलने की कोशिश की है. हर जगह गांव वाले तिनका-तिनका जोड़कर अपने आशियाने को फिर से बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
चेरपाई गांव के रहने वाले देबू ने बताया कि रात 10:30 बजे आए तूफान से न सिर्फ 400 घरों को नुकसान हुआ बल्कि तीन लोग भी घायल हो गए. नवरंग के परिवार में उनकी बेटी और उनकी मां को चोट भी लगी है. घर का सामने का हिस्सा गिर गया है इसलिए वह उसे फिर से बनाने की कोशिश कर रहा है. इस गांव में और आस-पास के गांव में मिसिंग आदिवासी रहते हैं और उनके मकान न सिर्फ जमीन से ऊपर होते हैं बल्कि बांस की बनाए दीवारों और चीन की बनी छतों से बने होते हैं.
ट्रांसफार्मर और बिजली के तार जगह-जगह टूट गए हैं इसलिए गांव में अब अंधेरा है और इस गर्मी में लोग अपने घरों के बाहर बैठकर दिन काट रहे हैं. माजुली के डिप्टी कमिश्नर पल्लव झा ने 'आज तक' से बातचीत में बताया कि रविवार को आए तूफान के चलते लगभग 400 घर तबाह हो गए हैं. पल्लव झा के मुताबिक माजुली का ये इलाका दो नदियों के बीच बसे होने के नाते प्राकृतिक रूप से तूफान प्रभावित क्षेत्र है और अक्सर तूफान झेलता है.
असम में इन दिनों एक तरफ बाढ़ ने जानमाल को भारी नुकसान पहुंचाया है तो जिन इलाकों में बाढ़ नहीं पहुंची है वहां हवा अपना कहर बरपा रही है.
आशुतोष मिश्रा