स्टर्लिंग ग्रुप के खिलाफ ED की कार्रवाई, 4701 करोड़ की संपत्‍त‍ि जब्‍त

स्टर्लिंग ग्रुप और उसके प्रमोटरों नितिन संदेसरा और चेतन संदेसरा पर 5383 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का आरोप है. सीबीआई ने पिछले साल अक्‍टूबर में इस मामले में केस दर्ज किया था. इसी एफआईआर पर ये कार्रवाई की गई है.

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स्टर्लिंग ग्रुप का प्‍लांट (File) स्टर्लिंग ग्रुप का प्‍लांट (File)

रणविजय सिंह / विरेंद्रसिंह घुनावत

  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2018,
  • अपडेटेड 6:55 PM IST

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बैंक धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की. ईडी ने स्टर्लिंग बायोटेक ग्रुप की 4701 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति जब्त कर ली. इस साल मनी लांड्रिंग एक्‍ट (पीएमएलए) के तहत ईडी की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है.

स्टर्लिंग ग्रुप और उसके प्रमोटरों नितिन संदेसरा और चेतन संदेसरा पर 5383 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का आरोप है. ईडी ने पिछले साल अक्‍टूबर में इस मामले में केस दर्ज किया था. इसी एफआईआर पर ये कार्रवाई की गई है.

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ED ने 200 बैंक अकाउंट, 6.67 करोड के शेयर, कई लग्‍जरी गाड़ियां और चल-अचल संपत्ति जब्‍त की है. ईडी ने अब तक देश के 50 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है. वहीं, नितिन एवं चेतन संदेसरा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जा चुका है.

संदेसरा बंधुओं पर आरोप है कि उन्‍होंने फर्जी दस्‍तावेजों के आधार पर अलग-अलग बैंकों से 5383 करोड़ रुपए का लोन लिया था. लोन में मिली इस रकम को संदेसरा बंधुओं ने फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर अपनी शेल कंपनियों के नाम पर ट्रांसफर कर दिया. बाद में बैंकों ने इस लोन को एनपीए (नॉन परफोर्मिंग एसेट्स) घोषित कर दिया था.

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