स्पेशल ट्रेनों से घर पहुंचने वाले जाएंगे क्वारनटीन में? राज्य सरकारों ने अबतक नहीं लिया फैसला

स्पेशल पैंसेजर ट्रेनों के द्वारा सफर करने वालों को सबसे बड़ी परीक्षा रेलवे स्टेशनों पर होगी. यात्री जिस स्टेशन से सफर शुरू करेंगे वहां तो स्क्रीनिंग से होकर गुजरना होगा, लेकिन गंतव्य पर पहुंचने पर असल परीक्षा का सामना करना होगा. उन्हें अपने-अपने राज्यों के मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. ऐसे में उन्हें क्वारेनटीन सेंटर में रहना पड़ सकता है.

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स्पेशल ट्रेन का आज से होगा संचालन स्पेशल ट्रेन का आज से होगा संचालन

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2020,
  • अपडेटेड 12:11 PM IST

  • स्पेशल ट्रेनों का आज से संचालन शुरू
  • खुद खाना-पानी लेकर आने की सलाह
  • स्टेशन पर होगी सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच मंगलवार को स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हो रहा है. ऐसे में स्पेशल पैंसेजर ट्रेनों के द्वारा सफर करने वालों को सबसे बड़ी परीक्षा रेलवे स्टेशनों पर होगी. यात्री जिस स्टेशन से सफर शुरू करेंगे वहां तो स्क्रीनिंग से होकर गुजरना होगा, लेकिन गंतव्य पर पहुंचने पर असल परीक्षा का सामना करना होगा. उन्हें अपने-अपने राज्यों के मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. ऐसे में उन्हें क्वारेनटीन सेंटर में रहना पड़ सकता है.

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हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी

रेल मंत्रालय ने ट्वीट कर साफतौर पर कहा है कि इन ट्रेनों के गंतव्य पर पहुंचने के बाद यात्रियों को संबंधित राज्यों के हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. मंत्रालय ने ट्वीट कर, यात्रा करने वालों को सलाह दी है कि ऐसे सभी पैसेंजर गंतव्य राज्यों के नियमों को जान लें. हालांकि, राज्य सरकारों ने अभी तक स्पेशल ट्रेनों से पहुंचने वालों को लिए किसी तरह की कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है.

गौरतलब है कि देश के अलग-अलग राज्यों से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से घर लौटने वाले मजदूरों को की भी हेल्थ जांच के बाद ही ट्रेन में चढ़ने की इजाजत है. इसके अलावा बिहार में पहुंचते हैं तो वहां से उन्हें राज्य परिवहन के बसों से क्वारनटीन सेंटर में 21 दिन रहना होता है. ऐसे ही यूपी में पहुंचते ही मजदूरों की जांच होती है और जिसमें किसी तरह का कोई लक्षण होता है तो उसे क्वारनटीन सेंटर में रखा जाता है और जिसमें नहीं होता है उसे होम क्वारनटीन किया जाता है. ऐसे ही अलग-अलग राज्यों के अपने-अपने मेडिकल प्रोटोकॉल हैं.

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गृह मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक यात्रा करने वाले लोगों को मास्क पहनना और हेल्थ जांच कराना होगा. यात्रा से 90 मिनट पहले पैसेंजर को स्टेशन पर पहुंचना होगा. उन्हें की यात्रा करने का अनुमति दी जाएगी जिनमें कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नजर नहीं आएंगे. इसके अलावा गतंव्य पर पहुंचने के बाद राज्यों के मेडिकल प्रोटोकाल का पालन करना होगा.

यात्रियों को अपने लिए खाना और पानी खुद लाना होगा. नई दिल्ली स्टेशन से जिनकी ट्रेन है, उन्हें यह भी ध्यान रखना होगा कि स्टेशन पर एंट्री केवल पहाड़गंज साइड से ही मिलेग. यात्रा के दौरान रेलवे की तरफ से कंबल और तौलिए नहीं दिए जाएंगे. सिर्फ और सिर्फ कन्फर्म टिकट वाले ही यात्रा कर पाएंगे.

यात्रियों को यात्रा और स्टेशन पर आने के समय कवर या फेस मास्क का उपयोग करना होगा. स्टेशन और ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य है. गंतव्य पर पहुंचने के बाद यात्रियों को स्थानीय सरकार द्वारा तय हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करना होगा.

कोरोना लॉकडाउन के बीच रेल मंत्रालय आज यानी 12 मई से देश की राजधानी नई दिल्ली से देश के विभिन्न हिस्सों के प्रमुख शहरों के लिए 15 जोड़ी ट्रेन चलाने जा रहा है. नई दिल्ली से पटना, रांची, हावड़ा, डिब्रूगढ़, मुंबई, जम्मू तवी, अहमदाबाद सहित 15 रूटों पर एसी स्पेशल ट्रेनें चलेंगी. इनमें से कुछ ट्रेनें हर दिन चलेंगी तो कुछ सप्ताह में दो दिन और कुछ साप्ताहिक हैं.

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