राम मंदिर पर सपा सांसद की सफाई- याद दिलाया सरकार का कार्यकाल

लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा गरमा गया है. समाजवादी पार्टी के सांसद ने अयोध्या में राम मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया है.

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सपा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर (फोटो- ANI) सपा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर (फोटो- ANI)

देवांग दुबे गौतम

  • नई दिल्ली,
  • 07 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 12:23 PM IST

अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मामला भले ही सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, लेकिन इसको लेकर अलग-अलग पार्टी के नेताओं के बयान आते रहते हैं. अब तक बीजेपी और शिवसेना के नेता ही अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मुद्दा उठाते रहे हैं. लेकिन अब समाजवादी पार्टी की तरफ से इसके समर्थन में स्वर उठ रहे हैं.

सपा से राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने इस मसले पर बड़ा बयान दिया है. सुरेंद्र सिंह नागर के मुताबिक वह अगले 3 से 6 महीने में अयोध्या में राम मंदिर बनते देखेंगे. 

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उन्होंने कहा कि मैं राम भक्त हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले लोकसभा चुनाव के कारण, आखिरकार हम 3 से 6 महीनों में अयोध्या में राम मंदिर बनते देखेंगे.

सांसद की सफाई

विवाद बढ़ता देख उन्होंने अपने इस बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि चुनाव के कारण पार्टियां भगवान राम का इस्तेमाल करेंगी. बीजेपी सरकार ने 4.5 साल पूरे कर लिए हैं. उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने पर राम मंदिर बनाने का वादा किया था. लेकिन चुनाव से कुछ महीने पहले उन्हें एक बार फिर राम मंदिर की याद दिलाई गई है.

सुरेंद्र सिंह नागर ने यह बयान तब दिया है जब कुछ महीने पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भगवान विष्णु का मंदिर बनाने को लेकर  बड़ी बात कही थी. उन्होंने कहा था कि भगवान विष्णु का विशाल मंदिर सैफई में लॉयन सफारी के पास मौजूद जगह पर बनेगा. यह मंदिर 2000 एकड़ में बनेगा. वहीं अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव से पहले सैफई में 50 फीट ऊंची भगवान कृष्ण की मूर्ति का उद्घाटन करेंगे.

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बता दें कि लोकसभा चुनाव में कुछ ही महीने बाकी हैं, ऐसे में एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा गरमा गया है. हाल ही में संत समाज ने राम मंदिर को लेकर बैठक की थी और मोदी सरकार से कहा कि वह राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाए.

स्वामी वासुदेवानंद व विश्वेशतीर्थ महाराज ने तो स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री आवश्यकता पड़ने पर लोकसभा और राज्यसभा का संयुक्त अधिवेशन बुलाकर कानून बनाएं और जन्मभूमि हिंदुओं के हवाले करें. इस बैठक में रामानान्दाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य ने कहा कि जो इस बिल का विरोध करेगा, देश के संत उसे उखाड़ फेकेंगे.

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