साक्षी-अजितेश की शादी कैसे होगी रजिस्टर्ड, जानिए पूरी कानूनी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में शादी का रजिस्ट्रेशन कराना सभी दंपति के लिए जरूरी है. सूबे में सभी तरह की शादियां यूपी मैरिज रजिस्ट्रेशन रूल्स 2017 के तहत रजिस्टर्ड कराई जाती है.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुरक्षा मुहैया कराने का दिया आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुरक्षा मुहैया कराने का दिया आदेश

aajtak.in / राम कृष्ण

  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 1:39 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साक्षी मिश्रा और अजितेश कुमार को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश और दोनों को साथ रहने की इजाजत दे दी. इसके साथ ही कोर्ट ने यह शर्त लगाई कि साक्षी मिश्रा और अजितेश कुमार को 2 महीने के अंदर अपनी शादी रजिस्टर्ड करानी होगी. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो अदालत का आदेश रद्द कर दिया जाएगा.

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उत्तर प्रदेश में शादी का रजिस्ट्रेशन कराना सभी दंपति के लिए जरूरी है. सूबे में सभी तरह की शादियां यूपी मैरिज रजिस्ट्रेशन रूल्स 2017 के तहत रजिस्टर्ड कराई जाती है. इसके अलावा यूपी हिंदू मैरिज रजिस्ट्रेशन रूल्स 1973 के तहत भी शादी रजिस्टर्ड कराई जा सकती है. यूपी हिंदू मैरिज रजिस्ट्रेशन रूल्स के तहत शादी रजिस्टर्ड कराने के लिए जरूरी है कि पति और पत्नी दोनों हिंदू हों और उनकी शादी हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के तहत हुई हो.

अगर पति और पत्नी दोनों हिंदू नहीं हैं या किसी दूसरे कानून के तहत शादी करते हैं, तो उनको अपनी शादी उत्तर प्रदेश मैरिज रजिस्ट्रेशन रूल्स 2017 के तहत ही रजिस्टर्ड करानी पड़ती है.

इसका मतलब यह हुआ कि साक्षी और अजितेश यूपी हिंदू मैरिज रजिस्ट्रेशन रूल्स 1973 या फिर यूपी मैरिज रजिस्ट्रेशन रूल्स 2017 के तहत शादी रजिस्टर्ड करवा सकते हैं.

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अब ऑनलाइन शादी रजिस्ट्रेशन

उत्तर प्रदेश में शादी रजिस्टर्ड करवाने की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है. ऑनलाइन आवेदन हिंदी और इंग्लिश दोनों में भरे जाते हैं. आप उत्तर प्रदेश स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की वेबसाइट यानी www.igrsup.gov.in पर जाकर 2 तरीके से शादी रजिस्टर्ड करवा सकते हैं.

1. पहले तरीके से आधार कार्ड का इस्तेमाल करके घर बैठे ऑनलाइन शादी रजिस्टर्ड कराई जा सकती है. इसके लिए यह जरूरी होता है कि पति और पत्नी दोनों के पास आधार कार्ड हो. आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए.

जब आप आधार कार्ड के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते हैं, तो जो मोबाइल नंबर आधार कार्ड के लिए रजिस्टर्ड है उस पर ओटीपी आता है, जिसको इस्तेमाल करना होता है. इस प्रक्रिया से आवेदन करने के पश्चात ऑनलाइन मैरिज सर्टिफिकेट भी मिल जाता है और रजिस्ट्रार ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ती है.

2. इसके अलावा दूसरा तरीका ऑनलाइन आवेदन करके मूल दस्तावेजों के साथ 30 दिन के भीतर सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जाना पड़ता है. पति और पत्नी को सब-रजिस्ट्रार के सामने पेश होना पड़ता है. वहां उनका बायोमैट्रिक वेरीफिकेशन भी होता है. इसके बाद उनको मैरिज सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है.

मैरिज रजिस्टर्ड कराने के लिए जरूरी दस्तावेज

1. पति और पत्नी दोनों की फोटो ऑनलाइन अपलोड करनी होगी. (फोटो 40 KB से कम साइज की जेपीजी फॉरमेट में)

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2. पहचान प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र,शादी और निवास प्रमाण पत्र को पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करना होगा. (पीडीएफ फॉरमेट 70 KB तक)

3. दो गवाहों के पहचान प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र को भी अपलोड करना होता है.

4. पति और पत्नी का शपथ पत्र भी अपलोड करना अनिवार्य है.

5. इसके बाद एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड जनरेट होगा जिसको अपने पास लेकर रख लें. इसके बाद मैरिज रजिस्ट्रेशन की फीस का ऑनलाइन भुगतान करना होगा.

मैरिज रजिस्ट्रेशन की फीस

अगर आप 1 साल के अंदर शादी का रजिस्ट्रेशन कराते हैं, तो आपको सिर्फ ₹10 फीस देनी होगी. यदि आप इसमें देरी करते हैं और 1 साल बाद शादी का रजिस्ट्रेशन कराते हैं, तो आपको ₹50 फीस अदा करनी होगी. यदि 2 साल से भी ज्यादा लेट होता है तो हर साल के हिसाब से ₹50 अतिरिक्त जोड़ा जाएगा.  इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप 2 साल बाद शादी रजिस्टर्ड करवाते हैं, तो आपको ₹100 और अगर 3 साल बाद कराते हैं, तो आपको  ₹150 अदा करने होंगे.

शादी कहां कराई जा सकती है रजिस्टर्ड

1. जहां पति स्थाई रूप से निवास करता हो.

2. जहां पत्नी स्थायी रूप से रहती रही हो.

3. जिस इलाके में शादी समारोह आयोजित किया गया हो.

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यूपी में शादी रजिस्टर्ड कराने के लिए आवश्यक शर्तें

1. पति और पत्नी में से कोई एक उत्तर प्रदेश का निवासी हो.

2. पति और पत्नी के आधार कार्ड में उत्तर प्रदेश का पता लिखा हो.

3. अगर पति और पत्नी दोनों में से कोई भी उत्तर प्रदेश का निवासी नहीं है तो यह जरूरी है कि उनकी शादी उत्तर प्रदेश में हुई हो.

4. पति और पत्नी में से कोई एक भारतीय नागरिक हो.

मैरिज सर्टिफिकेट के फायदे

1. मैरिज सर्टिफिकेट शादी का पक्का सबूत होता है.

2. मैरिज सर्टिफिकेट विवाहित महिलाओं को सोशल सिक्योरिटी और सेल्फ कॉन्फिडेंस प्रदान करता है.

3. जीवनसाथी  (पति या पत्नी) के बैंक में जमा पैसे पर दावा करने या  इंश्योरेंस का लाभ लेने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है.

4. पासपोर्ट और वीजा बनवाने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट की आवश्यकता पड़ती है.

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को दिया था मैरिज रजिस्टर्ड करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सीमा बनाम अश्विनी कुमार के मामले फैसला देते हुए 14 फरवरी 2006 को सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया था कि वो अपने यहां सभी तरह के शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए रूल्स बनाएं. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी मैरिज रजिस्ट्रेशन रूल्स 2017 बनाया था.

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