सवाल पूछकर भी सदन नहीं पहुंचे 6 सांसद, सभापति हुए नाराज

सभापति ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ये अच्छी परंपरा नहीं है.

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राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू

जावेद अख़्तर

  • नई दिल्ली,
  • 02 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 1:45 PM IST

संसद का शीतकालीन सत्र अपने अंतिम पड़ाव में है. सत्र के शुरुआती दिनों की कार्यवाही पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर कांग्रेस के हंगामे की भेंट चढ़ गई. हालांकि, सरकार की सफाई के बाद से संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारू रूप से चल रही है. लेकिन मंगलवार को राज्यसभा में कुछ सांसदों के रवैये पर सभापति ने नाराजगी जाहिर की.

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राज्यसभा चेयरमैन वेंकैया नायडू ने कार्यवाही के दौरान कहा कि जिन सदस्यों ने अपने सवाल दिए हैं, उनमें से कुछ सदन में मौजूद नहीं है. सभापति ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ये परंपरा के खिलाफ है और अच्छी प्रथा नहीं है.

दरअसल, सदन की कार्यवाही में किन सवालों या मुद्दों पर चर्चा होनी है या किन विधेयकों को पेश किया जाना है, इसके लिए सदस्यों को पहले से ही जानकारी देनी होती है. कार्यवाही शुरू होते ही सभापति प्राप्त सवालों को पढ़ते हैं और सांसदों द्वारा अपने-अपने सवालों पर खड़े होकर उपस्थिती दर्ज करानी होती है. मंगलवार की कार्यवाही में ऐसा देखने को नहीं मिला और 6 ऐसे सदस्य सदन से अनुपस्थित रहे, जिनके सवाल कार्यवाही की सूची में शामिल थे. इसी पर टिप्पणी करते हुए राज्यसभा सभापति ने सदन में मौजूद न रहने को गलत प्रथा करार दिया.

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श्रद्धांजलि के दौरान बातचीत पर भी नाराज

राज्यसभा में आज पूर्व सदस्य आर मार्गबंधु को श्रद्धांजलि दी, जिनका पिछले दिनों निधन हो गया. इस दौरान कुछ सदस्यों के आपस में बातचीत करने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि इससे गलत संदेश जाता है.

नायडू ने कहा कि उनके निधन से देश ने एक मशहूर वकील और सांसद खो दिया है. मार्गबंधु के सम्मान में सदस्यों ने कुछ क्षणों का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. सभापति नायडू जिस समय मार्गबंधु के निधन का सदन में जिक्र कर रहे थे, उसी दौरान कुछ सदस्य आपस में बातचीत कर रहे थे. सदस्यों द्वारा मार्गबंधु को श्रद्धांजलि देने के बाद नायडू ने कहा कि इस दौरान सदस्यों के आपस में बातचीत करने से गलत संदेश जाता है. उन्होंने सदस्यों से कहा कि उन्हें सभा की मर्यादा और गरिमा का ख्याल रखना चाहिए.

5 जनवरी तक सत्र

मौजूदा शीतकालीन सत्र 18 दिसंबर को शुरू हुआ था. इस दौरान मोदी सरकार ट्रिपल तलाक जैसा अहम बिल लोकसभा में पास करा चुकी है. अब ये बिल बुधवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा. इसके बाद 5 जनवरी को सत्र खत्म हो जाएगा.

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