फिदायीन हमलावर तैयार, US से चल रहा था वॉट्सऐप, दिल्ली को दहलाने का था मुकम्मल प्लान

पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के गुर्गे पुलवामा हमले के बाद भी चुप नहीं बैठे थे. जम्मू-कश्मीर को दहलाने के बाद जैश के आतंकी दिल्ली में हमला करने की साजिश पर काम कर रहे थे. इसके लिए एक युवक आत्मघाती हमलावर बनने को भी तैयार हो गया था. आतंकी के दिल्ली के वीआईपी इलाके साउथ ब्लॉक, सचिवालय, सिविल लाइंस, लोधी एस्टेट की रेकी भी कर चुके थे.

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पुलवामा में सेना के एक ऑपरेशन की तस्वीर (फाइल फोटो-पीटीआई) पुलवामा में सेना के एक ऑपरेशन की तस्वीर (फाइल फोटो-पीटीआई)

कमलजीत संधू

  • नई दिल्ली,
  • 02 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:44 AM IST

  • NIA की चार्जशीट से सनसनीखेज खुलासा
  • दिल्ली में आंतकी हमले का था प्लान
पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के गुर्गे पुलवामा हमले के बाद भी चुप नहीं बैठे थे. जम्मू-कश्मीर को दहलाने के बाद जैश के आतंकी दिल्ली में हमला करने की साजिश पर काम कर रहे थे. इसके लिए एक युवक आत्मघाती हमलावर बनने को भी तैयार हो गया था. आतंकी के दिल्ली के वीआईपी इलाके साउथ ब्लॉक, सचिवालय, सिविल लाइंस, लोधी एस्टेट की रेकी भी कर चुके थे.

14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में कई गिरफ्तारियां की थीं. इस केस में NIA की ओर से दायर चार्जशीट से जैश के आतंकियों के खूनी मंसूबे का पता चलता है. सितंबर में फाइल की गई चार्जशीट के मुताबिक आतंकी दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तबाही मचाना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने कई जगहों पर रेकी की थी. इनमें से सिविल लाइंस, बीके दत्त कॉलोनी, कश्मीरी गेट, लोधी एस्टेट, मंडी हाउस और दरियागंज जैसे इलाके शामिल हैं.

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वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल

एनआईए की जांच में पता चला है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन के गुर्गे अपनी पहचान छुपाने के लिए वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करते थे. वर्चुअल मोबाइल नंबर सर्वर के जरिए काम करता है. इसके लिए यूजर अपने फोन पर एक ऐप डाउनलोड करते हैं और उसमें अपना अकाउंट बनाकर नंबर का इस्तेमाल करते हैं. इस नंबर का इस्तेमाल वॉट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर और ई-मेल चलाने के लिए किया जाता है.

एनआईए की चार्जशीट में कहा गया है कि जैश के आतंकी सज्जाद अहमद खान, तनवीर अहमद गनी, बिलाल अहमद मीर और मुजफ्फर अहमद भट भारत में सक्रिय थे. सज्जाद अहमद खान को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने मार्च में पुरानी दिल्ली से गिरफ्तार किया था. इसके बाद तीन और आतंकी गिरफ्तार किए गए थे. घटना के विशाल नेटवर्क को देखते हुए इस केस की जांच एनआईए करने लगी थी.

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बिलाल बना आत्मघाती हमलावर

एनआईए चार्जशीट के मुताबिक बिलाल अहमद 14 फरवरी की घटना के वीडियो देखकर अगला खुदकुश हमलावर बनने को तैयार हो गया था. सज्जाद ने कथित रूप से बिलाल को कहा था कि अगर ऐसे हमले की तैयारी की जा रही है तो बिलाल को आदिल की तरह फिदायीन हमलावर बनना चाहिए. पुलवामा आतंकी हमले में आदिल ही खुदकुश हमलावर बना था. एनआईए चार्जशीट कहती है, "15 फरवरी को लगभग 10 बजकर 24 मिनट पर बिलाल ने पुलावामा हमले के मास्टरमाइंड मुदस्सिर अहमद से कहा...अगला मैं करूंगा इंशा अल्लाह." बता दें कि मुदस्सिर अहमद को सुरक्षा बलों ने 10 मार्च को त्राल में मार गिराया था.

अमेरिकी नंबर से साजिश

एनआईए चार्जशीट में विस्तार से बताया गया है कि कैसे आतंकी अमेरिका में जेनरेट किए गए वर्चुअल नबंरों से भारत में हमले की तैयारी कर रहे थे. एनआईए के मुताबिक अहमद वर्चुअल नंबर (+1904606**** और +1904299****) का इस्तेमाल कर रहा था. ये नंबर अमेरिका में जेनरेट किए गए थे, और इससे वॉट्सऐप चलाया जाता था.

एनआईए ने इन वर्चुअल नंबरों से सारा डाटा निकाल लिया है. इनसे पता चलता है कि इन आतंकियों ने पुलवामा आतंकी हमले का जश्न मनाया था और इसे 'कश्मीर की ईद' करार दिया था.

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