'LG के पास भेजा गया 10 हजार वॉलंटियर्स को हटाने का प्रपोजल', 'दंगल' में बोले विजेंद्र गुप्ता

बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जब मैंने 10 हजार वाॉलंटियर्स को हटाने का पत्र सदन के पटल पर रख दिया और सरकार से जवाब मांगा कि आपने इनको क्यों हटाया था और सिर्फ उन्हें हटाया ही नहीं था. उनकी सात महीने की सैलरी रोक ली थी. जबकि सैलरी देने का काम सिर्फ और सिर्फ इंचार्ज मिनिस्टर का है. सैलरी रिलीज करने का काम सरकार का है.

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BJP नेता विजेंद्र गुप्ता. BJP नेता विजेंद्र गुप्ता.

आजतक ब्यूरो

  • नई दिल्ली,
  • 06 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 10:50 PM IST

आजतक के खास शो दंगल में बीजेपी नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता से पूछा गया कि ये दिल्ली में चल क्या रहा है? ये किस तरीके का ड्रामा है? ये पैर पकड़े जा रहे हैं, गाड़ी में बैठाए जा रहे हैं, आपको ले जा रहे हैं, आप अलग चिट्टी लिख रहे हैं, वो अलग चिट्ठी लिख रहे हैं. ये चल क्या रहा है ये? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि देखिए, साफ है असली मामला कहां से शुरू हुआ केजरीवाल ने 11 अक्टूबर 2023 को 10,792 जो वॉलंटियर्स काम कर रहे थे. उनको हटा दिया और वो पत्र जो केजरीवाल ने अपने हस्ताक्षर से लिखा था की इनको हटा दिया जाए उनको हटा दिया जाए. तुरंत प्रभाव से एंड ऑफ थिस मंथ यानी अक्टूबर 31 से इ की सर्विसेज खत्म है.

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बीजेपी नेता ने कहा कि जब वो पत्र मैंने सदन के पटल पर रख दिया और सरकार से जवाब मांगा कि आपने इनको क्यों हटाया था और सिर्फ उन्हें हटाया ही नहीं था. उनकी सात महीने की सैलरी रोक ली थी. जबकि सैलरी देने का काम सिर्फ और सिर्फ इंचार्ज मिनिस्टर का है. सैलरी रिलीज करने का काम सरकार का है. और अगर सैलरी पहले तो सैलरी रुकी हो गई क्यों गई. हर महीने जो सैलरी दी जाती है वो किसी से पूछ कर देनी पड़ती है? इन्होंने उनको छह सात महीने से सैलरी नहीं दी थी. वो सैलरी? इन्होंने उसकी फाइल भी एल जी के पास भेज दी थी, पर उससे पहले ये खुद उसको अप्रूवल दे चूके थे, फाइनल अप्रूवल हो चुका था और सैलरी रिलीज हो जानी चाहिए थी, लेकिन रिलीज नहीं की गई. उनको हटा दिया. जब ये सारी बात मैंने सदन में रख दी तो?  तब इनको लगा के हमारी तो पोल खुल गई.

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'सच सामने आते ही शुरू किया ड्रामा'

उन्होंने कहा कि इसका मतलब ये है. अब ये सच सामने आ जाएगा और ये सब लोग हमें छोड़ेंगे नहीं तो इन्होंने ड्रामा शुरू किया और वो ड्रामे में इन्होंने ये प्रोटेस्ट करना, प्रदर्शन करना. ये देखिए, नाटक कर रहे हैं मंत्री पैर खींच रहे हैं, मेरा पैर ही खींच रहे हैं जबकि मैं फोन मिला रहा हूं. इन्होंने कहा कि एल जी साहब के यहां चलेंगे.मैंने कहा चलिए ठीक है एल जी के चलते अगर आपको ऐसा लगता है उससे पहले हम लोग यहां थे की. हमारा ये कहना था कि आप जो है. पहले आप लोग सरकार से कोई फाइल तो चलाइए. सहगल साहब यहां बैठे हैं, आप उनसे पूछ सकते हैं कि एलजी को ओन इस ओन कोई भी काम करने का अधिकार नहीं है जब तक कि सरकार की तरफ से कोई प्रस्ताव नहीं आएगा. आपने कोई फाइल नहीं चलाई, आपने उनको हटा दिया. मैं फिर खुल कर कह रहा हूं कि 10,792 जो ये थे वॉलंटियर इनको हटाया गया.

'LG सिफारिशों पर करते हैं काम'

उन्होंने एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए कहा कि देखिए, एलजी सिफारिशों पर काम करते हैं. केजरीवाल ने चिट्ठी लिखा और केजरीवाल ने उन्हें हटा दिया. वो 9 साल से काम कर रहे थे, साढ़े नौ, 10 साल से काम कर रहे थे ना, जब काम कर रहे थे तो केजरीवाल तो कोई मंत्री नहीं है. उनके पास कोई विभाग भी नहीं था, लेकिन उसके बाद भी मुख्यमंत्री ने अपना दबाव बनाया. वरना तो मिनिस्टर को साइन करके भेजनी चाहिए थी, लेकिन ये फाइल विशेष रूप से चीफ मिनिस्टर ने मंगाई अपने पास की इनको हटाना है. फर्स्ट टाइम प्रपोजल एलजी के पास भेजा गया कि फोर्सफुली इनको तुरंत हटाना ही है. उनके पास कोई ऑप्शन ही नहीं बचा, क्योंकि उनको ऐड इन अडवाइस पर चलना है. केजरीवाल ने इन्हें हटाया और सिर्फ हटाया ही नहीं, पहले सात महीने तक सैलरी नहीं दी. उनको तड़पाया टिलर टु पोस्ट वो घूमते रहे और उसके बाद उनकी नौकरी खा गए.

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विजेंद्र गुप्ता के अनुसार, अब आप बताइए जब एक बार इन्होंने हटा दिया, क्योंकि चुनाव नजदीक है तो ये ड्रामा कर रहे हैं. फिर हम कहते हैं कि आप रास्ता निकालिए. आप फिर से कोई एक प्रोसेसर शुरू करिए. कुछ तो भेजिए वहां पर. एलजी से हम भी बात करेंगे और हम कल मैंने ही टाइम लिया था. 

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