अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संरक्षण में शनिवार को धर्म चक्र दिवस के रूप में आषाढ़ पूर्णिमा का आयोजन कर रहा है. धर्म चक्र दिवस का उद्घाटन राष्ट्रपति रामनाथ कोविद राष्ट्रपति भवन से करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो के जरिए संबोधित करेंगे.
बता दें कि इस दिन बुद्ध ने अपने पहले पांच शिष्यों को प्रथम उपदेश दिया था. उसी की स्मृति में यह आयोजन वाराणसी के पास स्थित सारनाथ के डियर पार्क में मनाया जाता है. पूरी दुनिया के बौद्ध इसे धर्म चक्र प्रवर्तन दिवस के रूप में भी मनाते हैं.
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संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल भी उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे. इसके अलावा मंगोलिया के राष्ट्रपति द्वारा एक विशेष संबोधन भी पढ़ा जाएगा. पीएम मोदी अपने संबोधन में भगवान बुद्ध की शांति एवं न्याय के उपदेशों और सचेतन प्राणियों की पीड़ा को दूर करने के लिए उनके द्वारा दिखाए उच्च अष्टमार्ग पर चलने पर विशेष जोर देंगे.
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30 लाख भक्तों के शामिल होने की उम्मीद
इस दिन दुनिया के विभिन्न हिस्सों से शीर्ष बौद्ध धर्म गुरु, मास्टर्स और स्कॉलर्स का संदेश सारनाथ और बोधगया से ऑनलाइन प्रसारण किया जाएगा. कोरोना के कारण जिस तरह इस साल 7 मई को बुद्ध पूर्णिमा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मनाई गई, उसी तरह इस पूरे कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है. शनिवार के इस कार्यक्रम में लाइव वेबकास्ट के माध्यम से दुनिया भर के लगभग 30 लाख भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है.
अशोक सिंघल