पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर किए गए एयर स्ट्राइक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ गई है. प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के साथ लोगों के संतुष्टि के स्तर में जबदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इस मामले में नुकसान हुआ और उनकी रेटिंग चार्ट में गिरावट आई है.
सीवोटर-आईएएनएस स्टेट ऑफ द नेशन ऑपिनियन पोल के अनुसार, 7 मार्च को सर्वे में शामिल होने वाले 51 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे केंद्र सरकार के काम से बहुत संतुष्ट हैं. जबकि एक जनवरी को यही संख्या 36 प्रतिशत थी. वहीं 7 मार्च को नेट अप्रूवल रेटिंग में भी जबरदस्त उछाल आया है और यह वर्ष की शुरुआत के 32 प्रतिशत के मुकाबले लगभग दोगुना होकर 62 प्रतिशत तक पहुंच गया है. यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है.
सीवोटर के चुनाव विश्लेषक यशवंत देशमुख ने ट्रेंड के बारे में बताया कि एक जनवरी और सात मार्च के बीच देश में दो महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं. पहला केंद्रीय बजट और दूसरा पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक की घटना.
उन्होंने कहा कि बजट के बाद हमने देखा कि नेट अप्रूवल रेटिंग में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है. इसलिए इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि बजट से एनडीए सरकार के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं मिला. लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद ट्रेंड में निर्णायक बढ़ोतरी और बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद इसमें जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रूवल रेटिंग पुलवामा हवाई हमले के साथ बढ़ी है.
दूसरी तरफ, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वर्ष की शुरुआत 23 प्रतिशत के अप्रूवल रेटिंग के साथ की थी, लेकिन पुलवामा आतंकी हमले और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद राहुल की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 8 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
अब जब लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है और सभी दल अपने प्रचार में जुट चुके हैं तो चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद रेटिंग बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
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