प्रधानमंत्री मोदी के 'जन की बात' ने उड़ाई मंत्रियों की नींद

प्रधानमंत्री के नमो ऐप पर जन की बात के ज़रिए जनता से सरकार की नीतियों, छवि और मंत्रालय की रिपोर्ट कार्ड पर सवाल पूछे जा रहे हैं. इस क्विज़ ने मंत्रियों और सांसदों की नींद उड़ा दी है. क्योंकि सभी अपने मंत्रलायों और इलाके के बारे में जनता के मन की बात जानने के इंतज़ार में हैं कि आख़िर जनता ने उन्हें पास किया या फैल.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

रीमा पाराशर

  • नई दिल्ली,
  • 31 मई 2017,
  • अपडेटेड 2:01 PM IST

केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के तीन साल पूरे हो गए हैं. सरकार के पास जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए अब दो साल से कम का वक़्त बचा है. ऐसे में प्रधानमंत्री ने सीधे जनता से सरकार के काम काज का लेखा-जोखा लेने का मन बनाया. मन की बात को मिले अच्छे रेस्पॉन्स के बाद पीएम मोदी ने 'जन की बात' यानी जनता से सवाल-जवाब के लिए क्विज़ की शुरुआत की है.

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प्रधानमंत्री के नमो ऐप पर जन की बात के ज़रिए जनता से सरकार की नीतियों, छवि और मंत्रालय की रिपोर्ट कार्ड पर सवाल पूछे जा रहे हैं. इस क्विज़ ने मंत्रियों और सांसदों की नींद उड़ा दी है. क्योंकि सभी अपने मंत्रलायों और इलाके के बारे में जनता के मन की बात जानने के इंतज़ार में हैं कि आख़िर जनता ने उन्हें पास किया या फैल.

जनता के फ़ीड्बैक पर तय होगी भविष्य की नीति
मोदी के मंत्री भी ये जानते हैं कि प्रधानमंत्री समय-समय पर जनता से मिलते और फीड्बैक के आधार पर नीतियों और कामकाज में सुधार करते रहे हैं. शायद इसीलिए जन की बात में सरकार की अहम योजनाओं या विश्व स्तर पर छवि से लेकर महिलाओं की नज़र में मोदी सरकार के बारे में सवाल पूछे गए हैं.

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लोकल नेता और विधायक पर भी होगी नज़र
क्विज़ की शुरुआत में विधानसभा और इलाक़े का नाम भरना पूछा जाता है. उसके बाद इलाक़े की सड़क, बिजली, पानी और स्कूल की स्थिति के बारे में बताना होता है. ज़ाहिर है जवाबदेही सिर्फ़ सरकार की नीतियों पर ही नहीं बल्कि लोकल नेता, विधायक या सांसद की भी तय करने की योजना है.

16 जून तक जवाबों का पिटारा होगा बंद
16 जून तक जनता के मिले जवाबों की समीक्षा की जाएगी और फिर मंत्रियों के कामकाज का चिंतन होगा. जनता क्या चाहती है इसपर सबकी निगाहें टिकी हैं और इसी तर्ज़ पर मंत्रियों का जनता से सीधा संवाद पैदा करने के लिए मंत्रियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है. सभी मंत्री जनता के पास जाकर उपलब्धियों और कमियों पर बात करेंगे और फ़ीड्बैक पार्टी और प्रधानमंत्री को देंगे.

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