प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मैत्री पाइपलाइन के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया. इस दौरान वहां विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे. इस मौके पर मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग दुनिया के लिए एक उदाहरण है. अधिकारियों के मुताबिक ये पाइपलाइन बांग्लादेश की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन परियोजना 130 किलोमीटर की है. यह भारत में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी को बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के पर्वतीपुर से जोड़ेगी. यह 346 करोड़ रुपये की परियोजना 30 महीने में पूरी होगी. इसकी क्षमता 10 लाख टन सालाना की होगी.
दोनों देशों ने अप्रैल में विदेश सचिव विजय गोखले की ढाका यात्रा के दौरान इस पाइपलाइन के निर्माण के लिए करार किया था. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस मौके पर मोदी ने दोनों देशों के बीच सहयोग को दुनिया के लिए एक उदाहरण बताया है.
उन्होंने कहा कि दोनों भौगोलिक और पारिवारिक, भावनात्मक रूप से पड़ोसी हैं. मोदी ने कहा कि इस प्रस्तावित पाइपलाइन से न केवल बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था बल्कि दोनों देशों के संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी.
पाइपलाइन के अलावा दोनों नेताओं ने बांग्लादेश रेलवे की ढाका- टोंगी खंड और टोंगी जयदेवपुर खंड में तीसरी और चौथी ड्यूल गेज रेल लाइनों का भी उद्घाटन किया. मोदी ने कहा कि ढाका-टोंगी-जयदेवपुर रेलवे परियोजना से दोनों देशों के बीच संपर्क सुधरेगा और राजस्व बढ़ेगा.
परमीता शर्मा