कोलकाता के बेलूर मठ से बोले PM मोदी- युवा मतलब समस्या से टकराओ...

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कहा कि दुनिया में युवाओं की आबादी भारत में सबसे ज्यादा है. भारत के युवा जिस मुहिम में जुड़ते हैं, उसकी सफलता तय है. प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकता संशोधन कानून पर कहा कि युवाओं के मन में सवाल भरे गए हैं. सीएए को लेकर कुछ युवा भ्रम के शिकार हैं.

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बेलूर मठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-twitter.com/PMOIndia) बेलूर मठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-twitter.com/PMOIndia)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 12:05 PM IST

  • CAA पर फैली गलतफहमियों को दूर करने की अपील
  • समस्याओं को टालो नहीं, उनसे टकराओ, उन्हें सुलझाओ

स्वामी विवेकानंद की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल के बेलूर मठ में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में युवाओं की आबादी भारत में सबसे ज्यादा है और भारत के युवा जिस मुहिम में जुड़ते हैं उसकी सफलता तय है. प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर कहा कि युवाओं के मन में सवाल भरे गए हैं. सीएए को लेकर कुछ युवा भ्रम के शिकार हैं. उन्होंने कहा, ये युवा सोच ही है जो कहती है कि समस्याओं को टालो नहीं, उनसे टकराओ, उन्हें सुलझाओ.

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बेलूर मठ में छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, युवाओं को नागरिकता संशोधन कानून पर फैली गलतफहमियों को दूर करना चाहिए. CAA नागरिकता छीनने का नहीं बल्कि नागरिकता देने का कानून है. प्रधानमंत्री ने कहा कि ये कानून रातों-रात नहीं बना है. बल्कि इस कानून में संसद के जरिए मात्र एक संशोधन किया गया है.

युवाओं के बारे में उन्होंने कहा, युवा जोश, युवा ऊर्जा ही 21वीं सदी के इस दशक में भारत को बदलने का आधार है. नए भारत का संकल्प, आपके द्वारा ही पूरा किया जाना है. ये युवा सोच ही है जो कहती है कि समस्याओं को टालो नहीं, उनसे टकराओ, उन्हें सुलझाओ.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, स्वामी विवेकानंद जी की वो बात हमें हमेशा याद रखनी होगी जब वो कहते थे कि “अगर मुझे सौ ऊर्जावान युवा मिल जाएं, तो मैं भारत को बदल दूंगा”. यानि परिवर्तन के लिए हमारी ऊर्जा, कुछ करने का जोश ही आवश्यक है. सीएए पर जारी विरोध प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री ने कहा, मैं फिर कहूंगा सिटिजनशिप एक्ट नागरिकता लेने का नहीं, नागरिकता देने का कानून है और सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट उस कानून में सिर्फ एक संशोधन है.

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