स्‍क्रैप में खरीदा गया था मुंबई में क्रैश हुआ प्‍लेन, 2008 से था बंद

दस्‍तावेजों से पता चलता है कि यह प्‍लने 2008 में इलाहाबाद हवाई अड्डे पर दुर्घटना का शिकार हुआ था. इसके बाद इसका प्रयोग करना बंद कर दिया गया. यह प्‍लने 2013 तक ऐसी ही स्‍थ‍िति में रहा. इसके बाद यूवाई एविएशन ने इसे खरीद लिया.

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दुर्घटनाग्रस्त विमान दुर्घटनाग्रस्त विमान

रणविजय सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 29 जून 2018,
  • अपडेटेड 5:40 PM IST

मुंबई में गुरुवार को 12 सीटों वाला एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे के बाद खुलासा हुआ है कि ये प्‍लने स्‍क्रैप (रद्दी माल) में बेचा गया था. जानकारी के मुताबिक, यह प्‍लेन यूपी सरकार के स्वामित्व में था, जिसे स्क्रैप घोषित कर दिया गया था.

इसके बाद वर्तमान मालिक ने इसका ओवरहाल कराया और जुहू हवाई पट्टी से गुरुवार को पहली टेस्ट उड़ान पर उतारा, जो कि उड़ान भरते ही क्रैश हो गया. इस हादसे में विमान के दोनों पायलट, दो विमान रखरखाव इंजीनियरों और एक पदयात्री की मौत हो गई थी.

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दस्‍तावेजों से पता चलता है कि यह प्‍लेन 2008 में इलाहाबाद हवाई अड्डे पर दुर्घटना का शिकार हुआ था. इसके बाद इसका प्रयोग करना बंद कर दिया गया. यह प्‍लने 2013 तक ऐसी ही स्‍थ‍िति में रहा. इसके बाद यूवाई एविएशन ने इसे खरीद लिया.

नागर विमानन निदेशालय (डीजीसीए) के डायरेक्‍टर जनरल के मुताबिक, यह विमान गैलेक्सी कॉर्पोरेशन के नाम से पंजीकृत था. 2013 में इस विमान को जुहू स्थित कंपनी यूवाई एविएशन द्वारा खरीदा गया. उड़ान के फैसले से पहले करीब ढाई साल तक इसको फिर से बनाया गया.

दुर्घटना के वक्‍त 23 साल पुराना ये विमान अपनी पहली टेस्ट उड़ान पर था. यह साबित करने के लिए कि ये उड़ान भरने के लिए उपयुक्‍त है. बता दें कि ये टेस्‍ट उड़ान बुधवार को ही होनी थी, लेकिन भारी बारिश की वजह से इसे टाल दिया गया था. बाद में गुरुवार को इसने उड़ान भरी जो कि आखिरी उड़ान साबित हुई.

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गौरतलब है कि मुंबई के भीड़भाड़ वाले इलाके में गुरुवार को 12 सीटों वाले एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से दोनों पायलटों, दो विमान रखरखाव इंजीनियरों और एक राहगीर की मौत हो गई थी. किंग एयर सी 90 विमान घाटकोपर टेलीफोन एक्सचेंज के समीप ओल्ड मलिक एस्टेट में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

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