अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर उनके घर के बाहर लगा चाहने वालों का तांता

वाणी का मौन साधक फिलहाल नींद में गाफिल है. कई लोग पैर भी छूने की कोशिश भी कर रहे थे. कतार आगे बढ़ रही थी लोग अपनी आंखों के कैमरे में पलक झपका कर एक दिव्य स्मृति का फोटोग्राफ कैद कर रहे थे.

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अटल बिहारी वाजपेयी अटल बिहारी वाजपेयी

संजय शर्मा / रोहित

  • नई दिल्ली,
  • 25 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:17 PM IST

अटल जी को चाहने वाले, उनसे प्यार करने वाले, उन्हें प्रेरणा स्रोत मानने वाले या यूं कहें कि उनके श्रद्धालुओं के लिए ये 25 दिसंबर खास बन गया. उन्हें जन्मदिन पर बधाई देने के बहाने अटल जी के दर्शन भी हुए. बिस्तर पर लेटे हुए. बिस्तर का सिरहाना थोड़ा तिरछा कर दिया गया ताकि लोगों को अटल जी का चेहरा दिखाई दे.

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वाणी का मौन साधक फिलहाल नींद में गाफिल है. कई लोग पैर भी छूने की कोशिश भी कर रहे थे. कतार आगे बढ़ रही थी लोग अपनी आंखों के कैमरे में पलक झपका कर एक दिव्य स्मृति का फोटोग्राफ कैद कर रहे थे. कई लोग तो ऐसे भी मिले जो हर साल पंजाब, पुणे, पटना और ना जाने कहां-कहां से अटल जी से मिलने आते हैं.

इस दिन अटल जी से मिलने अंदर जाने में कोई रोक-टोक नहीं होती. 25 दिसंबर क्रिसमस की सुबह से ही कृष्ण मेनन मार्ग की कोठी नंबर 6 ए के पास लोगों का मजमा लगना शुरू हो जाता है. सुरक्षा के तगड़े इंतजाम होते हैं, लिहाजा लोगों को कोठी की दीवार से सटी गली में खड़ा किया जाता है. बाहर वीआईपी आवाजाही की गहमा गहमी रहती है. वीआईपी अटल जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देकर विदा हो चुके होते हैं तब गलियों में हलचल तेज हो जाती है.

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इस बार भी लोगों ने अपनी बारी आने पर श्रद्धा से अटल जी के दर्शन किए. तीमारदार और सेवक बताते हैं कि अटल जी की कभी-कभी तंद्रा टूटती है. लेकिन अधिकतर तंद्रा में ही रहते हैं.

बीजेपी के निगम पार्षद रहे महेंद्र नागपाल कहते हैं कि जब पार्टी अध्यक्ष थे तो मेरे भाई की शादी में अटल जी और आडवाणी जी घर आए थे. जब लौटने लगे तो अंबेस्डर का दरवाजा खोल कर अटल जी ने आडवाणी जी से कहा कि आप अंदर चलो. आडवाणी जी ने कहा आप चलो. थोड़ी देर तक पहले आप पहले आप होता रहा फिर वाजपेयी जी ने चिरपरिचित ठहाके के साथ कहा कि मेरी क्रीज खराब हो जाएगी अगर आप दोनों के बीच में बैठा तो. इसलिए आप ही पहले धंसिए गाड़ी में. एक सामूहिक कहकहे के बीच आडवाणी जी पहले गाड़ी में बैठ गए. वाजपेयी जी के संपर्क में रहे हर अजीज के दिल में जन्मदिन पर याद करने और याद कर गुदगुदाने को काफी कुछ है.

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