लोकसभा में शुक्रवार को महिलाओं की सुरक्षा पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ. इस दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला कुछ सांसदों के व्यवहार से काफी नाराज दिखे. हंगामे के बाद ओम बिड़ला जब सांसदों को समझा रहे थे तो इसी दौरान एक सांसद ने कुछ टिप्पणी की. इसके जवाब में ओम बिड़ला ने कहा कि आप मुझे बैठे-बैठे आदेश मत दिया करें. इनको बुला लो ...उनको बुला लो...बैठकर आदेश देने की व्यवस्था को बंद कर दो. नहीं तो मैं आपको सदन से बाहर निकालने के लिए कहूंगा. ऐसे नहीं चलने वाला.
स्पीकर ने सांसदों को समझाया
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सांसदों से कहा कि मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं. राजनीतिक टिप्पणी करने के बाद वेल में आकर किसी को धमकाना सही है क्या. स्पीकर जब बोल रहे थे इस दौरान कुछ सांसद हंगामा कर रहे थे. एक सांसद से ओम बिड़ला ने कहा कि आप बैठिए. मैं जब बोल रहा हूं तो सारा सदन क्यों बोल रहा है.
स्पीकर ने कहा कि एक आचार संहिता बननी चाहिए. गंभीर टिप्पणी का जवाब गंभीर टिप्पणी से करें और असंसदीय होगा तो मेरी जिम्मेदारी होगी कि इसको रिकॉर्ड में नहीं जाने दिया जाए. लेकिन राजनीतिक टिप्पणी के बाद वेल में आएं ऐसा नहीं करना चाहिए.
ओम बिड़ला के बोलने के दौरान ही एक संसद ने कुछ टिप्पणी की. तभी स्पीकर ने कहा कि आप मुझे आदेश ना दें. किसको बुलाना है, किसको नहीं बुलाना है. बैठे-बैठे आदेश मत दिया करें. इनको बुला लो...उनको बुला लो...बैठकर आदेश देने की व्यवस्था को बंद कर दो...नहीं तो मैं आपको सदन से बाहर निकालने के लिए कहूंगा. ऐसे नहीं चलने वाला.
अधीर रंजन के बयान पर हंगामा
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने चर्चा के दौरान कहा कि एक ओर राम मंदिर बनाया जाया तो दूसरी ओर सीता मां को जलाया जा रहा. अधीर रंजन के इस बयान के बाद बीजेपी सांसद हमलावर हो गए और स्मृति ईरानी ने मोर्चा संभालते हुए अधीर रंजन पर जमकर हमला किया. अधीर रंजन को जवाब देते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि रेप को सांप्रदायिक रंग देने वाले आज भाषण दे रहे हैं.
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