अमित शाह ने बताया- आखिर दिल्ली के दंगा प्रभावित इलाकों में खुद क्यों नहीं गए

केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि मैं इसलिए दंगा प्रभावित इलाकों में नहीं गया, क्योंकि अगर मैं जाता, तो मेरे जाने से पुलिस मेरे पीछे लगती और पुलिस दंगे रोकने में अपने बल को नहीं लगा पाती. लिहाजा मैंने अजीत डोभाल को भेजा था.

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (फोटो- PTI) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (फोटो- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 8:38 AM IST

  • शाह बोले- मैं दंगा प्रभावित इलाके में जाता, तो पुलिस मेरे पीछे लग जाती
  • गृह मंत्री ने दंगे को काबू करने के लिए दिल्ली पुलिस की पीठ भी थपथपाई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में दिल्ली हिंसा को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब दिए. इस दौरान उन्होंने बताया कि वो खुद दिल्ली हिंसा प्रभावित इलाकों में क्यों नहीं गए और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को भेजा? लोकसभा में अमित शाह ने कहा, 'मैंने ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से दिल्ली के दंगा प्रभावित इलाकों में जाने और पुलिस का मनोबल बढ़ाने की अपील की थी.'

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केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा, 'मैं इसलिए दंगा प्रभावित इलाकों में नहीं गया, क्योंकि अगर मैं जाता, तो मेरे जाने से पुलिस मेरे पीछे लगती और पुलिस दंगे रोकने में अपने बल को नहीं लगा पाती. लिहाजा मैंने अजीत डोभाल को भेजा था.' लोकसभा में अमित शाह ने कहा, 'मैं गुजरात में डोनाल्ड ट्रंप के कार्यक्रमों में बैठा था. मेरा वहां जाना भी पहले से तय था. मैं जिस दिन वहां गया, उस दिन कोई घटना नहीं हुई.'

गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी कहा, 'मैं उसी शाम 6:30 बजे दिल्ली वापस आ गया था. मैं ताजमहल देखने नहीं गया था. मैं सीधा दिल्ली आया था. इसके बाद दूसरे दिन राष्ट्रपति भवन में ट्रंप की अगवानी हुई. मैं वहां भी नहीं गया. दोपहर को लंच हुआ, जिसमें भी मैं नहीं गया. इसके बाद रात को डिनर हुआ, उसमें भी मैं नहीं गया. पूरे समय मैं दिल्ली पुलिस के साथ बैठकर इस मामले की समीक्षा करता रहा.'

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गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली का उत्तर-पूर्व इलाका उत्तर प्रदेश के बॉर्डर से सटा हुआ है. दिल्ली दंगा को रोकने के लिए 22 और 23 फरवरी को सीआरपीएफ की 30 कंपनियां भेजी थी, जबकि 24 फरवरी को सीआरपीएफ की 40 कंपनियां भेजी थी. इसके बाद 25 फरवरी को और 50 कंपनियां भेजी थीं. 26, 27, 28 और 29 फरवरी को 80 से ज्यादा कंपनियां तैनात की गईं. सीआरपीएफ की ये कंपनियां अब भी दंगा प्रभावित इलाकों में तैनात हैं.

इस दौरान अमित शाह ने साफ कहा कि दिल्ली दंगा के गुनहगारों को बख्शा नहीं जाएगा. दिल्ली दंगे को लेकर 27 फरवरी से अब तक 700 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. उन्होंने बताया कि दिल्ली में दंगा फैलाने के लिए 300 से ज्यादा लोग उत्तर प्रदेश से आए थे. यह गहरी साजिश थी. इस बीच अमित शाह ने दिल्ली पुलिस की पीठ भी थपथपाई.

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अमित शाह ने कहा कि पुलिस ने दंगे को पूरे दिल्ली में फैलने नहीं दिया. इस दंगे को दिल्ली के चार फीसदी और 13 फीसदी आबादी तक सीमित रखने का काम पुलिस ने किया. 12 थानों में हिंसा रुकी रही. भड़काने का काम हर जगह हुआ. पुलिस की जिम्मेदारी थी हिंसा को रोकना. दिल्ली पुलिस ने 36 घंटे में दंगे को समेटने का काम किया. इस दौरान अमित शाह ने बिना नाम लिए सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा और भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया.

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