कांग्रेस के सात सांसदों का लोकसभा से निलंबन वापस होगा. ये फैसला बुधवार को सर्वदलीय बैठक में लिया गया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. कांग्रेस ने अपने सांसदों के निलंबन का मुद्दा आज भी लोकसभा में उठाया. पार्टी सांसदों ने इस मुद्दे पर हंगामा भी किया, जिसके कारण कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा.
बता दें कि गौरव गोगोई समेत कांग्रेस के सात सांसदों को लोकसभा से पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था. सांसदों ने आसन से कागज छीनकर फाड़े गए थे. इस घटना के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई हुई थी. निलंबित होने वाले सांसदों में गौरव गोगोई, टीएन प्रतापन, राजमोहन उन्नीथन, मणिकम टैगोर, बेनी बेहन, डीन कुरीकोस, गुरजीत सिंह थे.
वहीं, सर्वदलीय बैठक के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला चार दिन बाद सदन में पहुंचे. ओम बिड़ला विपक्षी सांसदों के व्यवहार से नाराज थे. वो बीते हफ्ते तीन दिन सदन नहीं पहुंचे थे.
ओम बिड़ला के सदन में लौटने पर कांग्रेस समेत कई पार्टियों के सांसदों ने खुशी जताई. कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आपको (ओम बिड़ला) दोबारा यहां देखकर खुशी हो रही है. कभी-कभी ऐसा कुछ हो जाता है जो हम नहीं चाहते हैं. हम भी चाहते हैं कि सदन की कार्यवाही अच्छे से चले. हम विरोध के मकसद से नहीं आते हैं. सांसदों के निलंबन पर उन्होंने कहा कि हो सकता है कुछ गलती हुई हो, लेकिन उसकी जांच होनी चाहिए.
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इस वजह से हुए थे निलंबित
5 मार्च को लोकसभा में 12 बजे राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लेकर टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि सोनिया और राहुल गांधी की भी कोरोना की जांच होनी चाहिए. वे इटली से आए हैं और इटली से ही सबसे ज्यादा मामले भारत में आए.
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हनुमान बेनीवाल की टिप्पणी से नाराज कांग्रेस के कई सांसद आसन के सामने आ गए. इसी हंगामे के बीच उन्होंने आसन से कागज छीनकर फाड़ दिए. इसके बाद सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई. संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने सात कांग्रेस सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकार कर लिया गया. इसके बाद पीठासीन सभापति मीनाक्षी लेखी ने सातों सांसदों से कहा कि वे सदन से चले जाएं और सत्र खत्म होने तक न आएं.
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