जानिए कितनी खतरनाक होती है अमोनिया गैस, जिससे पड़ गए 100 लोग बीमार

ओडिशा के बालासोर की एक फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक होने से 90 कर्मचारी बीमार पड़ गए हैं. बीमार कर्मचारियों को बालासोर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि बीमार लोगों में ज्यादातर महिला कर्मचारी हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 5:43 PM IST

  • दुनिया में अमोनिया गैस के उत्पादन में भारत दूसरे स्थान पर
  • अमोनिया गैस के संपर्क में आने पर अपने चहरे को पानी से धोएं

ओडिशा के बालासोर में एक फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक होने से 90 कर्मचारी बीमार पड़ गए हैं. बीमार कर्मचारियों को बालासोर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि बीमार कर्मचारियों में ज्यादातर महिला कर्मचारी हैं. ऐसे ही अमोनिया गैस लीक होने के कई मामले सामने आते रहे हैं. जानिए अमोनिया गैस कितनी खतरनाक होती है और अगर आप इसके संपर्क में आ जांए तो क्या करें.

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अमोनिया गैस का भारी मात्रा में उपयोग दूध प्लांट में होता है. माना जाता है कि अमोनिया गैस प्लांट में रिसाव काफी खतरनाक साबित हो सकता है. कई विभागों में इसके उपयोगों को लेकर आपत्ति जताई जाती है. यही नहीं संबंधित विभागों को ज्ञापन भेजकर प्लांट में अमोनिया के स्थान पर कोई दूसरी गैस का इस्तेमाल कराने की मांग भी की गई.

बर्फ बनाने के कारखाने में होता है उपयोग

बर्फ बनाने के कारखाने में शीतलीकारक के रूप में अमोनिया का उपयोग किया जाता है. प्रयोगशाला में प्रतिकारक के रूप में इसका उपयोग किया जाता है. यही नहीं लिकर अमोनिया का उपयोग कपड़ों से तेल ग्रीज आदि के दाग को छुड़ाने के लिए किया जाता है. अमोनियम कार्बोनेट बनाने में इसका उपयोग किया जाता है. यही कारण है कि अपने अत्यधिक उपयोग के कारण पूरी दुनिया में इसका व्यापक पैमाने पर उत्पादन होता है

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कितनी खतरनाक और जहरीली गैस है अमोनिया

अमोनिया एक तीक्ष्ण गंध वाली रंगहीन गैस होती है. यह हवा से हल्की होती है. इसको बनाने के लिए यूरिया, अमोनियम सल्फेट, अमोनियम फास्फेट, अमोनियम नाइट्रेट आदि रासायनिक खादों का उपयोग किया जाता है. अमोनिया के जलीय घोल को लिकर अमोनिया कहा जाता है. अमोनिया के उत्पादन में चीन का स्थान नंबर एक पर है वहीं भारत का स्थान नंबर दो पर है.

अमोनिया गैस से हानि

माना जाता है थोड़ी सी भी ज्यादा मात्रा में अमोनिया सूंघने पर जान जा सकती है. हवा में अमोनिया की उच्च सांद्रता का एक्सपोजर नाक, गले और श्वास नली के जलने का कारण बनता है. यही नहीं केंद्रित अमोनिया समाधान जैसे औद्योगिक क्लीनर के साथ संपर्क त्वचा की जलन, स्थायी आंख क्षति या अंधापन सहित संक्षारक चोट का कारण बन सकता है.

एक शोध में पाया गया इसे सहसा सूंघने पर आंख में आंसू आ जाता है. अधिक मात्रा से घुटन उत्पन्न होती है और मृत्यु भी हो जाती है.

अमोनिया के संपर्क में आने पर क्या करें?

किसी उद्योग या अमोनिया टैंक से अमोनिया का रिसाव होकर यदि अचानक अमोनिया वातावरण में फैल जाए तो आंख तथा चेहरे को काफी अधिक पानी से धोना चाहिए. अमोनिया जल में अति विलेय है इसलिए चेहरे को जल से धोने से यह घुलकर अलग हो जाती है.

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