बांग्लादेश के 'ट्री मैन' के एक हाथ का ऑपरेशन, मिलने पहुंचे मंत्री

बांग्लादेश के 'ट्री मैन' अबुल बजनदार काफी खुश हैं क्योंकि उनके दाएं हाथ का ऑपरेशन करके पेड़ की तरह उगी गाठों को हटा दिया है. जल्द ही उनके दूसरे हाथ का ऑपरेशन भी किया जाएगा. वो पिछले 10 सालों से इस बीमारी से जूझ रहे हैं.

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अबुल बजनदार से मिलने पहुंचे मंत्री अबुल बजनदार से मिलने पहुंचे मंत्री

मोनिका शर्मा / मनोज्ञा लोइवाल

  • ढाका,
  • 22 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 9:06 PM IST

अपने तरह की एक अजीब बीमारी से पीड़ित बांग्लादेश के 'ट्री मैन' अबुल बजनदार के हाथों और पैरों पर पेड़ की शाखाओं जैसे रचनाएं थीं, लेकिन ढाका मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उनके दाएं हाथ से छालें हटा दी हैं.

ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य मंत्री मोहम्मद नसीम ने रविवार को अस्पताल पहुंचकर अबुल बजनदार का हालचाल जाना. अबुल ने कहा, 'अब मैं ठीक हूं. डॉक्टरों ने मेरे दाएं हाथ से छाल हटा दी है.' उन्होंने कहा, 'मैं शुरुआत में थोड़ा डरा हुआ था लेकिन बाद में डर नहीं लगा.'

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परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं
अबुल के पास खड़ी उनकी पत्नि हलीमा गोद में तीन साल की बेटी को लिए काफी खुश नजर आ रही थी. उन्होंने कहा, 'जब-जब मैं सोचती हूं कि ये फिर से सामान्य जिंदगी जी सकेंगे, तो मुझे बहुत खुशी होती है.'

जल्द होगा अगला ऑपरेशन
हॉस्पिटल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी यूनिट के प्रोफेसर डॉ. मो. अबुल कलाम ने बताया कि सर्जरी के बाद अबुल बजनदार को बाकी मरीजों जैसे समस्या नहीं आई. उन्होंने बताया कि अबुल के बाएं हाथ का ऑपरेशन 3 हफ्तों बाद किया जाएगा.

बीमारी से पूरी तरह निजात की संभावना कम
हालांकि डॉक्टर ने अबुल के हाथों पर फिर से गाठें उगने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया है. डॉ. अबुल कलाम ने बताया कि इंडोनेशनिया में इसी तरह की बीमारी से जूझ चुके एक मरीज को 13 ऑपरेशन कराने पड़े थे. उन्होंने कहा, 'लेकिन अबुल बजनदार को इतनी सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी.'

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अबुल से अस्पताल में मिलने पहुंचे मंत्री नसीम ने कहा कि प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ही उन्हें वहां आकर बजनदार की हालत की जानकारी लेने के लिए कहा था. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'अब वो ठीक है. वो मुस्कुराते हुए मुझसे बात कर रहा था.'

10 साल पहले शुरू हुई बीमारी
दस साल पहले तक अबुल बजनदार बिलकुल ठीक थे लेकिन 2005 में एक दिन उन्होंने देखा कि उनके हाथों और पैरों पर पेड़ की शाखाओं जैसी गाठें उभर आई हैं. आने वाले समय में ये पेड़ों की तरह बढ़ने लगी और बढ़ती ही गई. पहले अबुल को लगा कि वो ठीक हो जाएंगे लेकिन धीरे-धीरे उनके हाथ-पैरों ने बिलकुल काम करना बंद कर दिया.

25 साल के अबुल ने इलाज के लिए कई जगह धक्के खाए लेकिन उनकी हालत बिगड़ती ही गई. आखिरकार ढाका मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने एक्सपर्ट्स की राय पर अबुल का इलाज शुरू कर दिया.

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