नौसेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद अपने पहले भाषण में एडमिरल करमबीर सिंह ने वीआईपी कल्चर पर करारा वार किया है. बतौर नौ सेना प्रमुख पदभार संभालते ही एडमिरल करमबीर सिंह ने निर्देशों की झड़ी लगा दी. उन्होंने कहा कि हमें औपचारिक प्रथाओं को सीमित कर अनावश्यक खर्च में कटौती करनी चाहिए. साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सभी के लिए एक समान व्यवहार हो.
एडमिरल सिंह ने वर्षों से चले आ रहे वीआईपी कल्चर को खत्म कर सभी रैंकों के लोगों के साथ एक समान बर्ताव की सलाह दी. 3 जून को एडमिरल सिंह ने कहा था कि नौसेना में सभी रैंकों के प्रमुखों को एक समान रहना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने यात्राओं के दौरान नौसेना अधिकारी के परिवारों को वीआईपी ट्रीटमेंट देने पर भी रोक लगाने की कोशिश करने को कहा. एडमिरल ने वरिष्ठ अधिकारियों के बार-बार स्वागत में गुलदस्तों का प्रयोग भी कम करने की सलाह दी.
एडमिरल सिंह ने खान-पान में भी समानता की वकालत की. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा था कि मेरी कोशिश होगी कि मैं अपने पूर्ववर्तियों के प्रयासों को जारी रखूं और राष्ट्र को ऐसी नौसेना प्रदान करूं जो मजबूत, विश्वसनीय और समुद्री क्षेत्र में किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार हो.
'ग्रे ईगल' (सबसे वरिष्ठ नौसैनिक वायुयान चालक) करमबीर सिंह एक हेलिकॉप्टर पायलट रहे हैं और कई महत्वपूर्ण कमानों पर अधिकार रखते हैं, जिनमें महत्वपूर्ण पूर्वी बेड़े भी शामिल हैं जो परमाणु पनडुब्बियों का संचालन करता है. अपने शुरुआती दिनों में चेतक, कामोव-25 और कामोव-28 हेलीकॉप्टर उड़ाए जाने के बाद, करमबीर सिंह 39 साल का अनुभव रखते हैं. करमबीर सिंह नवंबर 2021 तक नौसेना प्रमुख रहेंगे.
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