प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बुधवार को प्रधानमंत्री आवास पर कैबिनेट बैठक हुई. सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई ये बैठक दो घंटे तक चली, जिसमें वरिष्ठ मंत्रियों ने हिस्सा लिया. केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अध्यादेशों को मंजूरी दी गई है. इनमें आवश्यक वस्तु अधिनियम, APMC अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दी गई. जिसके तहत अब किसान सीधे अपनी फसलें बेच सकेंगे, अब भारत में किसानों के लिए एक देश एक बाजार होगा.
केंद्रीय कैबिनेट ने एपीएमसी यानी कृषि उत्पाद विपणन समिति को लेकर कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश 2020 को मंजूदी दी. कई तरह के प्रतिबंधों के कारण देश के किसानों को अपने उत्पाद बेचने में काफी दिक्कत आती है. कृषि उत्पाद बाजार समिति वाले बाजार क्षेत्र के बाहर किसानों पर उत्पाद बेचने पर कई तरह के प्रतिबंध हैं. उन्हें अपने उत्पाद सरकार की ओर से लाइसेंस प्राप्त खरीदारों को ही बेचने की बाध्यता है. इसके अतिरिक्त एक राज्य से दूसरे राज्य को ऐसे उत्पादों के बाधमुक्त व्यापार के रास्ते में भी कई तरह की बाधाएं हैं.
अध्यादेश के लागू हो जाने से किसानों के लिए एक सही माहौल तैयार हो सकेगा जिसमें उन्हें अपनी सुविधा के हिसाब से कृषि उत्पाद खरीदने और बेचने की आजादी होगी. इस अध्यादेश से राज्य के भीतर और बाहर दोनों ही जगह ऐसे बाजारों के बाहर भी कृषि उत्पादों का व्यापार सुगम हो जाएगा जो राज्यों के कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) अधिनियम के तहत अधिसूचित हैं.
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इससे किसानों को अधिक विकल्प मिलेंगे. बाजार की लागत कम होगी और उन्हें अपने उपज की बेहतर कीमत मिल सकेगी. इसके अलावा अतिरिक्त उपज वाले क्षेत्रों में भी किसानों को उनके उत्पाद के अच्छे दाम मिल सकेंगे और साथ ही दूसरी ओर कम उपज वाले क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को भी ज्यादा कीमतें नहीं चुकानी पड़ेंगी. अध्यादेश में कृषि उत्पादों का सुगम कारोबार सुनिश्चित करने के लिए एक ई-प्लेटफॉर्म बनाए जाने का भी प्रस्ताव है. अध्यादेश का असली मकसद एपीएमसी बाजारों की सीमाओं से बाहर किसानों को कारोबार के अतिरिक्त अवसर मुहैया कराना है जिससे उन्हें अपने उत्पादों की अच्छी कीमतें मिल सकें.
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कैबिनेट के फैसले में इसके अलावा कृषि उत्पादों के भंडारण की सीमा खत्म की गई है, सिर्फ अतिआवश्यक परिस्थिति में ऐसा किया जा सकेगा. बता दें कि 20 लाख करोड़ के पैकेज में इनका ऐलान किया गया था. बता दें कि इस हफ्ते होने वाली ये मोदी कैबिनेट की दूसरी बैठक थी.
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