नेहरू-राजीव गांधी पर टिप्पणी, BJP सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव को राज्यसभा में वापस लेना पड़ा बयान

जीवीएल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने सन 1952 और 1954 के लोकसभा चुनाव में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को चुनाव हराने के लिए आक्रामक प्रचार किया था.

Advertisement
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद जीवीएल नरसिम्हा. भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद जीवीएल नरसिम्हा.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जून 2019,
  • अपडेटेड 1:02 AM IST

भारतीय जनता पार्टी के सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने मंगलवार को राज्यसभा में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और राजीव गांधी को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, कि कांग्रेसी सांसदों ने जमकर हंगामा किया. माफी की मांग करते हुए कांग्रेसी सांसद वेल में आ गए. सदन की कार्यवाही में व्यवधान पड़ता देख उपसभापति हरिवंश विपक्ष को आश्वस्त करते रहे कि रूल बुक का अवलोकन करने के बाद ही टिप्पणियों को कार्यवाही में शामिल किया जाएगा. विपक्षी सांसद इतने पर भी नहीं माने. अंत में जीवीएल को अपना बयान वापस लेना पड़ा.

Advertisement

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान जीवीएल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने सन 1952 और 1954 के लोकसभा चुनाव में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को चुनाव हराने के लिए आक्रामक प्रचार किया था. ऐसा इसलिए कि बाबा साहब को सदन में देखना उन्हें पसंद नहीं था. उन्होंने राजीव गांधी पर भी टिप्पणी की. उनकी इस टिप्पणी के बाद विपक्षी नेता नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए.

गुलाम नबी आजाद ने टिप्पणी को बताया निंदनीय

नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमने कभी अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर कभी कोई गलत टिप्पणी नहीं की. यदि हम पीएम मोदी के खिलाफ कुछ बोलते हैं तो वह जवाब देने में सक्षम हैं. लेकिन जो लोग आज इस दुनिया में नहीं हैं, उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी करना निंदनीय है.

Advertisement

आजाद ने बीजेपी सांसद के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि इतिहास हमने भी पढ़ा है और इस तरह आप तोड़-मरोड़ कर इतिहास का इस्तेमाल उच्च सदन में करना ठीक नहीं. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि पूरे सत्र में सदन की कार्यवाही में बाधा उत्पन्न न हो, लेकिन अगर सरकार खुद ही सदन नहीं चलने देना चाहेगी तो ऐसा कैसे संभव होगा.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि नेहरू कांग्रेस के नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया के बड़े नेता रहे हैं. देश की नींव रखने का श्रेय पंडित नेहरू को जाता है. उनके लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना गलत है. हम पूर्व प्रधानमंत्री जो इस दुनिया में नहीं है, उनके बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करें.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement