कांग्रेस का ऑनलाइन प्रोटेस्ट शुरू, सचिन पायलट ने FB लाइव से केंद्र सरकार को घेरा

कोरोना संकट और लॉकडाउन के चलते कांग्रेस ने सड़क पर उतरने की बजाय सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है. कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से लेकर पार्टी कार्यकर्ता सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म- फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब और इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने-अपने घरों से अपनी बात रख रहे हैं.

Advertisement
प्रियंका, राहुल और सोनिया गांधी (फोटो-PTI) प्रियंका, राहुल और सोनिया गांधी (फोटो-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 मई 2020,
  • अपडेटेड 12:05 PM IST

  • कांग्रेस के 50 लाख कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर कर रहे आंदोलन
  • कांग्रेसी कार्यकर्ता सोशल मीडिया के जरिए सरकार से कर रहे मांग

देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों और लॉकडाउन में मिली ढील के चलते राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं. लॉकडाउन की मार झेल रहे प्रवासी श्रमिकों और किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के लिए वर्चुअल यानी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आंदोलन कर रहे हैं. कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता श्रमिकों, किसान और छोटे दुकानदारों के लिए गुरुवार को 11 बजे से 2 बजे तक राहत पैकेज की मांग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रखी.

Advertisement

कोरोना संकट और लॉकडाउन के चलते कांग्रेस ने सड़क पर उतरने की बजाय सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है. कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से लेकर पार्टी कार्यकर्ता सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब और इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने-अपने घरों से ऑनलाइन आकर गरीब, मजदूरों, किसानों, असंगठित कर्मचारियों और छोटे दुकानदारों के मुद्दा उठा रहे हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि पिछले दो महीने से गरीब, मजदूर और किसान परेशान है. आजादी के बाद पहली बार है कि मजदूर हजारो और सैकड़ो किमी. भूखे प्यासे पैदलचलकर अपने घर वापस जा रहे हैं. मजदूरों और गरीबों के डर और पीड़ा को सरकार नहीं समझ रही है. कोरोना संकट और लॉकडाउन के चलते करोड़ो रोजगार चले गए गए किसान की फसल बर्बाद हो गई है. कांग्रेस के साथी, अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री से लेकर तमाम लोग लगातार सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगा रहे हैं. ऐसे में हम एक कांग्रेस के साथियों ने भारत की आवाज को बुलंद करने के लिए समुचित अभियान चला रहे हैं.

Advertisement

सोनिया गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार से एक बार फिर आग्रह करते हैं कि खजाने का ताला खोलिए और सभी को 7500 रुपये छहीने तक आर्थिक मदद दीजिए. इसके इलावा फौरन 10 हजार गरीब, मजदूर, छोटे दुकानदार की दिया जाना चाहिए. साथ ही सोनिया गांधी ने कहा कि मनरेगा के काम को 200 दिन सरकार तय करे. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार गरीब, मजदूर और किसानों को लोन के बजाय आर्थिक मदद दी जाए. आज इसी कड़ी में कांग्रेस समर्थक कार्यकर्ता नेता सोशल मीडिया के सरकार के सामने एक बार फिर मांग दोहरा रहे हैं.

राजस्थान के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने फेसबुक लाइव के जरिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि मनरेगा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा करते थे कि यह बेकार की योजना है, लेकिन कोरोना संकट में सबसे ज्यादा लोगों के काम यही योजना आ रही है.

सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने गरीबों एवं मजदूरों की समस्यों को नजरंदाज कर, संवेदनहीनता का परिचय दिया है. ऐसे में इस ऑनलाइन कैंपेन के माध्यम से कांग्रेस उनकी आवाज़ उठा रही है और सरकार से मांग कर रही है कि फौरन 10 हजार रुपये किसानों, मजदूरों और छोटे दुकानदारों के खाते में भेजे जाएं. उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि मनरेगा के काम को 100 दिन से बढ़ाकर 200 दिन किया जाए.

Advertisement

उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं बल्कि मिलकर गरीब, मजदूरों और किसानों के मदद करने का है, लेकिन मोदी सरकार अपने 6 साल की उपलब्धियों में मस्त है. इसके चलते प्रवासी श्रमिकों, किसानों और छोटे दुकानदारों का दर्द नजर नहीं आ रहा है. कोरोना संकट के चलते हम सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर दबाव बनाना चाहते हैं.

दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने फेसबुक लाइव के जरिए कहा कि कांग्रेस हमेंशा गरीब की आवाज बनी है और कोरोना संकट काल में भी गरीब, मजदूर और प्रवासी श्रमिकों की आवाज को उठाने की काम कर रही है. मोदी सरकार गरीब और मजदूरों को नजर अंदाज कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता इसे लेकर आंदोलन कर रहा है. हमारी सरकार से मांग है कि इस समय टैक्स के दायरे से जो भी लोग बाहर हैं उन्हें 10 हजार की तुरंत आर्थिक मदद की जाए और मनरेगा के काम को 100 दिन से बढ़ाकर 200 दिन किया जाए.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ता मोदी सरकार से मांग कर रहे हैं कि इनकम टैक्स की परिधि के बाहर प्रत्येक परिवार के खाते में केंद्र सरकार दस हजार रुपए तत्काल जमा कर आर्थिक मदद दे. साथ ही मनरेगा योजना में रोजगार 100 दिन से बढ़ाकर 200 दिन किया जाए. लॉकडाउन के बाद क्या होगा, केंद्र सरकार स्पष्ट करे एवं एक देशव्यापी नीति बनाए. इन्हीं सारी मांगों को कांग्रेस ऑनलाइन डिमांड कर रही है.

Advertisement

कांग्रेस पार्टी ने 50 लाख कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन जुटाने का लक्ष्य रखा है. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चिट्ठी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पहले ही निर्देश दे रखा है कि इस अभियान में सभी कार्यकर्ताओं का शामिल होना अनिवार्य है. इस संबंध में वेणुगोपाल ने खुद ही सभी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्षों से सीधे बातचीत की है.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

कांग्रेस अपनी मांग को लेकर बड़े पैमाने पर ट्रेंड सेट करने की कोशिश कर रही है. इसीलिए कांग्रेस ने कहा है कि हम मुश्किल में फंसे लोगों के मुद्दे उठा रहे हैं और केंद्र सरकार से अपील कर रहे हैं कि लोगों की मदद करने के लिए भी कांग्रेस द्वारा की गई मांगों पर विचार करे. साथ ही सरकार से मांग कर रहे हैं कि इनकम टैक्स के बाहर के परिवारों के खाते में दस हजार रुपए तत्काल जमा किए जाएं.

ऑनलाइन आंदोलन करने जा रही कांग्रेस ने लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया का बखूबी इस्तेमाल किया है. दो बार कांग्रेस वर्किंग कमेटी और एक बार विपक्षी दलों की बैठक ऑनलाइन हो चुकी है. राहुल गांधी द्वारा विशेषज्ञों से लेकर मजदूरों तक से की गई बातचीत को सोशल मीडिया पर साझा किया गया. राहुल गांधी अब तक चार बार ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं. यूपी के लिए बने ऐसे ही एक वॉट्सऐप ग्रुप की निगरानी प्रियंका गांधी खुद करती हैं. बस के मुद्दे पर पिछले दिनों योगी सरकार के खिलाफ यूपी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन प्रोटेस्ट किया था.

Advertisement

दरअसल पिछले हफ्ते कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में विपक्ष के 22 दलों ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि कि इनकम टैक्स के बाहर हर परिवार के बैंक खाते में अगले छह महीने तक 7,500 रुपए प्रति माह जमा किए जाएं. इसमें से 10 हजार की मदद फौरन करने का अनुरोध भी किया गया था. अब इस मांग को लेकर कांग्रेस बड़ा ऑनलाइन आंदोलन करने जा रही है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement