लेफ्ट के सलीम ने सेना प्रमुख की समझदारी पर उठाया सवाल, वेंकैया ने दिया जवाब

सीपीआई(एम) के मोहम्मद सलीम ने कहा कि सेना प्रमुख 'इनोवेटिव' कह रहे हैं तो भारतीय समाज के बारे में उनकी समझ और क्षमता पर मुझे शक है.' सलीम ने जोर देते हुए कहा कि सबकी तरह उन्हें भी भारतीय सेना पर गर्व है.

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फाइल फोटोः सीपीआई-एम के मोहम्मद सलीम फाइल फोटोः सीपीआई-एम के मोहम्मद सलीम

नंदलाल शर्मा

  • कोलकाता ,
  • 29 मई 2017,
  • अपडेटेड 9:05 PM IST

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने के लिए सेना के जवानों को इनोवेटिव होने की सलाह देने वाले सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की कड़ी आलोचना की है. सीपीआई(एम) ने सोमवार को प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय समाज को लेकर सेना प्रमुख की समझदारी पर सवाल उठाया?

सीपीआई(एम) के मोहम्मद सलीम ने कहा कि यह भारतीय सेना की आवाज नहीं है, जिसे मैं बचपन से सुनता आ रहा हूं. भारतीय मूल्यों को लेकर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के एक्शन बरसों पुराने हमारे समृद्ध मूल्यों को तहस नहस कर देंगे.

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सलीम ने कहा, 'यह भारतीय सेना की आवाज नहीं है, जिसे मैं बचपन से सुनता आ रहा हूं. यह वो आवाज नहीं जिसे हम भारतीय डिफेंड कर सके. भारतीयों के इनोवेटिव होने को लेकर कोई शक नहीं है, लेकिन सेना प्रमुख इसे इनोवेटिव कह रहे हैं तो भारतीय समाज के बारे में उनकी समझ और क्षमता पर मुझे शक है.' सलीम ने जोर देते हुए कहा कि सबकी तरह उन्हें भी भारतीय सेना पर गर्व है.

मोहम्मद सलीम के बयान देने के बाद सियासी गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया हुई और केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने ट्वीट कर सेना प्रमुख का समर्थन किया. उन्होंने सलीम का नाम लिए बिना सवाल किया देश के लोगों को सेना के जवानों के साथ हमदर्दी है या पत्थरबाजों के साथ.

देश के लोगों की हमदर्दी किसके साथ?
नायडू ने कहा कि सब जानते हैं कि पत्थरबाज कौन हैं. हमारा पड़ोसी (पाकिस्तान) पत्थरबाजों को पैसा देता है. अलगाववादियों को पैसा देता है. ऐसा वे भारत में आतंक फैलाने के लिए कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कश्मीर के हालात ठीक करने के लिए जो जरूरी है, किया जाना चाहिए. सेना प्रमुख ने भी यही सलाह दी है और हम उनके साथ हैं.

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग पत्थरबाजों का समर्थन कर रहे हैं. मैं उन्हें समझ पाने में असमर्थ हूं. जब आर्मी पर पत्थर फेंके जा रहे हो, तो क्या शांत बैठे रहना जायज है. देश के लोगों की हमदर्दी किसके साथ होनी चाहिए... सेना के साथ या पत्थरबाजों के साथ.

सेना प्रमुख ने किया मेजर गोगोई का बचाव
बता दें कि सेना प्रमुख बिपिन रावत ने मेजर नितिन लीतुल गोगोई का बचाव करते हुए रविवार को कहा था कि कश्मीर के 'डर्टी वॉर' से निपटने के लिए सेना के जवानों को इनोवेटिव होने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जब पत्थर और बम फेंके जा रहे हो, तो मैं जवानों को इंतजार करने और मरने के लिए नहीं कह सकता.

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