नहीं रहे बॉर्डर के 'असली हीरो' कुलदीप सिंह, 100 सैनिकों के साथ 2000 PAK फौजियों को खदेड़ा था

जेपी दत्ता की यादगार फिल्म 'बॉर्डर' की कहानी के सूत्रधार और 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध के नायकों में शुमार ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी का निधन हो गया.

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सन्नी देओल के साथ ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी (फोटो-Rediff) सन्नी देओल के साथ ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी (फोटो-Rediff)

सुरेंद्र कुमार वर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 17 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 5:42 PM IST

1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले लोंगेवाला युद्ध के नायक और यादगार फिल्म 'बॉर्डर' की कहानी के प्रेरणा ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी का शनिवार को निधन हो गया.

ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी का निधन मोहाली के एक निजी अस्पातल में हुआ. वह 78 वर्ष के थे. 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध के समय ब्रिगेडियर चांदपुरी भारतीय सेना में मेजर थे.

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1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान मेजर चांदपुरी ने राजस्थान के लोंगेवाला बॉर्डर पोस्ट की प्रसिद्ध लड़ाई में महज 100 जवानों के एक दल का नेतृत्व किया था जिसने पाकिस्तानी टैंकों के हमले का डटकर सामना किया था और उन्हें खदेड़ दिया था.

इस लड़ाई के समय उनकी उम्र महज 22 साल थी और उन्होंने पंजाब रेजीमेंट की 23वीं बटालियन का नेतृत्व किया था.

टैंकों के खिलाफ वीरता से खड़े होने और दुश्मन को पीछे हटने के लिए मजबूर करने के लिए उन्हें महा वीर चक्र (एमवीसी) से सम्मानित किया गया. महा वीर चक्र वीरता के लिए भारत का दूसरा सबसे बड़ा सम्मान है.

ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी और सेना के जवानों की जीत पर बाद हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में शुमार जेपी दत्ता की फिल्म 'बॉर्डर' बनाई गई, जिसे 1997 में रिलीज किया गया. फिल्म में सनी देओल ने ब्रिगेडियर चांदपुरी का किरदार निभाया था.

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चांदपुरी भारतीय सेना से बतौर ब्रिगेडियर रिटायर हुए थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा 3 बेटे हैं.

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