कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी जिंदल मामले को लेकर शुक्रवार से विरोध प्रदर्शन की शुरुआत करेगी. बीजेपी इस दौरान सीएम हाउस का घेराव करेगी. वहीं तीन दिन तक यह विरोध प्रदर्शन चलेगा.
कर्नाटक बीजेपी प्रमुख बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में तीन दिन तक ये विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. 14 जून से लेकर 16 जून तक चलने वाला यह विरोध प्रदर्शन 14 और 15 जून को पूरी रात चलेगा. वहीं इस दौरान जिंदल मामले को लेकर बीजेपी कर्नाटक के मुख्यमंत्री आवास को भी घेरेगी.
इस मामले को लेकर येदियुरप्पा ने कहा, 'हम लोग जिंदल को 1.22 लाख रुपए प्रति एकड़ में 3667 एकड़ जमीन बेचने के फैसले के विरोध में तीन दिन का विरोध प्रदर्शन बेंगलुरु में करेंगे.' उन्होंने कहा, 'अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया और जरूरत पड़ी तो हमने पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है.'
जब उनसे पूछा गया कि क्या गठबंधन सरकार को कोई रिश्वत मिली है तो उन्होंने कहा, 'अगर नहीं मिली तो वह ऐसा क्यों करेंगे? लोकसभा चुनाव के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में उन्होंने 3600 एकड़ से ज्यादा जमीन देने का निर्णय लिया. कांग्रेस नेता एचके पाटिल ने इसका विरोध किया.'
क्या है मामला
दरअसल, कर्नाटक में बीजेपी ने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन पर 3667 एकड़ जमीन जेएसडब्ल्यू स्टील कंपनी को बेचने के मामले में रिश्वत लेने का आरोप लगाया है. आरोप है कि बल्लारी जिले का यह लौह अयस्क समृद्ध क्षेत्र है और सरकार ने इसे जेएसडब्ल्यू स्टील कंपनी को बेचने का फैसला किया है. वहीं इस आरोप को लेकर कंपनी का कहना है कि राज्य के लोगों को नुकसान पहुंचाने और किसी तरह का कोई अवैध काम नहीं किया गया है.
बता दें कि राज्य मंत्रिमंडल ने शुरुआती करार के मुताबिक हाल ही में बल्लारी जिले की 3667 एकड़ जमीन को जेएसडबल्यू को बेचने का फैसला किया है. पहले यह जमीन जेएसडब्ल्यू को पट्टे पर मिली हुई थी. वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता एचके पाटिल राज्य सरकार को इस संबंध में कई पत्र लिखकर इस फैसले का विरोध कर रहे हैं.
aajtak.in / नागार्जुन