गृह मंत्रालय ने संसद में एक लिखित जवाब दिया है जो काफी चौंकाने वाला है. इसमें कहा गया है कि पिछले साल की तुलना में इस साल पाकिस्तानी मदद से जम्मू कश्मीर में हो रहे आतंकी हमलों में काफी बढ़ोतरी हुई है.
संसद में पेश गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल 2 दिसंबर तक 587 आतंकी हमले हो चुके हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 329 थी. 2017 में यह कुल आंकड़ा 342 और 2016 में 322 आतंकी हमले हुए थे. संसद में दी गई लिखित रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर में हुए इस सालआतंकी हमलों में 86 जवान शहीद हो चुके हैं, जबकि इस अवधि में पिछले साल 74 जवान शहीद हुए थे.
रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षा बलों ने इस साल 2 दिसंबर तक 238 आतंकियों को मार गिराया है, जबकि इस करवाई में अब तक 37 आम लोगों की जान गई. इस साल अक्टूबर तक के आंकड़ों के अनुसार आतंकियों ने 284 बार घुसपैठ की कोशिश की है जिसमें 128 बार वो सफल रहे. पिछलेसाल इस अवधि में 113 बार आतंकी देश की सीमा में घुसने में कामयाब हुए थे, जबकि घुसपैठ की 378 कोशिशें हो चुकी थीं.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने राज्य सभा में लिखित जवाब में कहा है कि जम्मू-कश्मीर राज्य सीमा पार से प्रायोजित और आंतकवादी हिंसा से प्रभावित रहा है. इसी रिपोर्ट पर आधारित 'आजतक' को सूत्रों ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंप चला कर आतंकवादियों को भारत के खिलाफ भड़काने की कोशिश में जुटा है. सीमा के उस पार पाक अधिकृत कश्मीर में 13 नए लॉन्चिंग पैड केजरिए पाकिस्तान की सेना और आईएसआई फायरिंग की आड़ में आतंकियों की घुसपैठ कराने की फिराक में हैं.
सूत्रों ने 'आजतक' को जानकारी दी है कि इस साल आईएसआई ने आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए नए तरीके के बर्फीले रेगिस्तान में चलने वाले ड्रेस खरीदे हैं. इसका इस्तेमाल पाकिस्तानी आतंकियों को बर्फबारी के दौरान बंद हुए रास्तों से घुसपैठ कराने के लिए हो सकता है.
जितेंद्र बहादुर सिंह / aajtak.in