बंटवारे की वजह से देश को मिला ये काबिल अफसर, अब आतंकियों की आएगी शामत!

पाकिस्तान को उसी की मांद में घुसकर सबक सिखाने की खबर पूरे देश को डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने ही दी थी. उन्होंने इस पूरे ऑपरेशन को लीड किया था.

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सेना की उत्तरी कोर के प्रमुख रणबीर सिंह सेना की उत्तरी कोर के प्रमुख रणबीर सिंह

राहुल विश्वकर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2018,
  • अपडेटेड 3:15 PM IST

दो साल पहले पाकिस्तान को उसी की मांद में घुसकर सबक सिखाने की खबर पूरे देश को देने वाले लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह को सेना में नई जिम्मेदारी मिली है. उन्हें सेना की उत्तरी कमान का प्रमुख बनाया गया है.

हमेशा उन्होंने टॉप किया

सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो रहे लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह बचपन से होशियार रहे हैं. पढ़ाई के दौरान हमेशा उन्होंने टॉप किया. बाद में सेना में भी उन्होंने ये सिलसिला जारी रखा. रणबीर पंजाब के होशियारपुर के गांव अंबाला जट्टां के रहने वाले हैं. भले ही वे सेना में पोस्टिंग के चलते पंजाब में नहीं रहे, लेकिन अपने गांव से आज भी उनकी जड़ें जुड़ी हुई हैं. गांव के ही सरकारी स्कूल में उन्होंने शुरुआती शिक्षा हासिल की.  

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पाकिस्तान में शिक्षक थे पिता

डीजीएमओ से अब उन्हें सेना की उत्तरी कमान सौंप दी गई है. लेफ्टिनेंट तकरीबन 42 साल पहले गांव से जालंधर आ गए. उनके पिता पाकिस्तान के लायलपुर में शिक्षक थे. बताते हैं कि छुट्टियों के वक्त वे अंबाला जट्टां आए थे. तभी देश का बंटवारा हो गया. उसके बाद से रणवीर सिंह का परिवार यहीं बस गया. बताया जाता है कि पाकिस्तान न लौट पाने पर उनके परिवार को गांव में ही एक कच्चा मकान दे दिया गया. उसी मकान में रणबीर सिंह का जन्म हुआ.

सैनिक स्कूल में की पढ़ाई

गांव के स्कूल में पढ़ने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए रणबीर अंबाला से कपूरथला के सैनिक स्कूल आ गए. रणवीर वहां भी टॉपर ही रहे. उसके बाद रणबीर सिंह 1980 में भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के लिए चुने गए. उनकी पहली पोस्टिंग 9 डोगरा रेजीमेंट में हुई थी.

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बचपन में ही हो गई थी पिता की मौत

जब रणबीर सिंह बहुत छोटे थे तभी उनके पिता का साया उनके सिर से उठ गया था. बचपन से ही उनका सपना सेना में जाने का था. उनके चाचा मनमोहन सिंह ने उनका लालन-पालन किया जो कि भारतीय सेना में कर्नल थे.

पूरे गांव को है अफसर बेटे पर नाज

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद रणबीर सिंह के गांव में जश्न का माहौल था. गांव के सभी लोगों का सिर अपने सपूत की वजह से और ऊंचा हो गया था. आज एक बार फिर से पूरा गांव अपने अफसर बेटे पर नाज कर रहा है.

देश को दी थी सर्जिकल स्ट्राइक की खबर

पाकिस्तान को उसी की मांद में घुसकर सबक सिखाने की खबर पूरे देश को डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने ही दी थी. उन्होंने इस पूरे ऑपरेशन को लीड किया था.

29 सितंबर 2016 की अल सुबह सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त डीजीएमओ रहे लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह कारगिल में भी रह चुके हैं.

सेना में मिली उत्तरी कमान की बागडोर

लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह का कद अब और बढ़ गया है. शुक्रवार को सेना की सबसे महत्वपूर्ण उत्तरी कमान की कमान उन्होंने संभाल ली है. लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अंबु के स्थान पर नियुक्त हुए हैं. देवराज को थल सेना का उपप्रमुख नियुक्त किया गया है.

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जब मीडिया में छा गए थे रणबीर सिंह

सेना की नौ डोगरा के लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह अब उत्तरी कमान के नए कमांडर के तौर पर खासकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ कमान संभालेंगे. 2016 में पीओके में हुई सर्जिकल स्ट्राइक की मीडिया को जानकारी जनरल रणबीर सिंह ने ही दी थी, जिसके बाद मीडिया में डीजीएमओ के तौर पर उनकी काफी चर्चा हुई.

स्ट्राइक 1 कोर के कमांडर थे

डीजीएमओ के बाद लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह को प्रमोशन देकर स्ट्राइक 1 कोर का कमांडर बनाया था. सेना की स्ट्राइक 1 कोर देश के तीन हमलावर बलों में से एक है जिसका मुख्यालय मथुरा में है. सेना की यह कोर शॉर्ट नोटिस पर भी पाकिस्तान के भीतर घुसकर हमला करने के लिए हमेशा तैयार रहती है.  

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