CCS की बैठक कल, अमेरिका के साथ डिफेंस डील पर मिल सकती है मंजूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई बड़े और अहम समझौते होने वाले हैं जिसमें माना जा रहा है कि डिफेंस डील बड़े स्तर पर हो सकती है.

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सांकेतिक तस्वीर (PTI) सांकेतिक तस्वीर (PTI)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 18 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 11:29 PM IST

  • 24 MH-60 'Romeo' हेलिकॉप्टर की खरीद की तैयारी
  • IADWS की खरीद में महंगी कीमत बन सकती है बाधा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच होने वाली डिफेंस डील को लेकर तैयारी अंतिम दौर में पहुंच गई है और इस संबंध में कल बुधवार को सीसीएस (cabinet committee on security) की बैठक में डिफेंस डील्स को मंजूरी भी मिल सकती है.

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सूत्रों के अनुसार, सीसीएस की बैठक में भारतीय नौसेना के लिए 24 MH-60 'Romeo' मल्टी मिशन हेलिकॉप्टर की खरीद को भी मंजूरी मिल सकती है. माना जा रहा है कि इस सौदे के लिए 2.6 बिलियन डॉलर की डील हो सकती है.

इसके अलावा भारतीय सेना के लिए 6 AH-64E अपाचे अटैच हेलिकॉप्टर खरीद को लेकर भी सीसीएस अपनी रजामंदी दे सकता है. माना जा रहा है कि यह डील 930 मिलियन डॉलर की होगी.

IADWS डील पर बातचीत जारी

इस बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को बेहद सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (Integrated Air Defence Weapon System यानी IADWS) तैनात करने की योजना बना रही है. इसके अमल के लिए भारत सरकार अमेरिका से यह मिसाइल प्रणाली खरीदेगी. हालांकि इस डील पर पेंच फंसता दिखता है और इसकी वजह पैसा बड़ी बाधा बन सकती है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ्ते (24-25 फरवरी) 2 दिन के लिए भारत के दौरे पर आ रहे हैं. ट्रंप के साथ उनकी पत्नी मेलानिया भी भारत आएंगी. माना जा रहा है कि इस बहुप्रतिक्षित दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और अंतरिक्ष समेत कई अन्य क्षेत्रों में करार हो सकता है.

महंगी कीमत पर भारत चिंतित

भारत दिल्ली को सुरक्षित बनाने को लेकर अमेरिका से करीब 19,000 करोड़ रुपये (1.90 अरब डॉलर) की IADWS डील कर सकती है. इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम जिसे नेशनल एडवांस्ड सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम-2 (NASAMS-2) भी कहा जाता है.

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हालांकि सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी हथियार NASAMS-2 की डील को लेकर भारत का कहना है कि अमेरिकी मिसाइल की कीमत काफी ज्यादा रखी गई है. सरकार से जुड़े सूत्र ने एएनआई को बताया था कि अमेरिका की ओर से इस प्रोजेक्ट पर करीब 1.9 अरब डॉलर का करार करीब दोगुना ज्यादा है, जिस पर बातचीत जारी है. हम इसकी काफी ज्यादा कीमत लेकर चिंतित हैं. हम इसको लेकर अन्य विकल्पों पर भी नजर डाल सकते हैं.

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अमेरिकी सरकार ने पिछले हफ्ते भारतीय वायुसेना (IAF) के अनुरोध पर फॉरेन मिलिट्री सेल के तहत भारत सरकार के साथ इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम को लेकर 1.9 अरब डॉलर पर समझौता करने पर सहमति दी थी.

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