... इस संकट से उबरने के लिए भारत अपना रहा है इजरायल मॉडल

पेयजल एवं स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर ने कहा कि जल संकट दूर करने के लिए जल संचयन पर हमारा जोर है. इसके लिए हम इजरायल की तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. इजरायल में पानी की कमी रही है, लेकिन वो जिस तकनीक का इस्तेमाल कर जल संचयन कर रहे हैं उसी तकनीक पर हम भी काम कर रहे हैं.

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पेयजल एवं स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर पेयजल एवं स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 5:26 PM IST

  • जल संकट से उबरने के लिए भारत अपना रहा है इजरायल मॉडल
  • इजरायल से हाल ही में दूसरा दौरा करके लौटे हैं 1,300 अधिकारी

जल संकट गहराने लगा है यह विश्व के कई देशों को समझ में आ गया है. मोदी सरकार 2.0 में भी सरकार का फोकस पूरी तरह से जल संकट दूर करने पर है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल जीवन मिशन का ऐलान भी किया. इस संकट को दूर करने में सरकार काफी हद तक इजरायल मॉडल को अपना रही है. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में पेयजल एवं स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर ने कहा कि मोदी सरकार का फोकस हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने और जल संकट को दूर करने का है. इस संकट को दूर करने में भारत इजरायल की मदद भी ले रहा है.

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परमेश्वरन अय्यर ने कहा कि जल संकट को दूर करने के लिए जल संचयन पर हमारा जोर है. इसके लिए हम इजरायल की तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. इजरायल में पानी की कमी रही है, लेकिन वो जिस तकनीक का इस्तेमाल कर जल संचयन कर रहे हैं उस तकनीक पर हम भी काम कर रहे हैं. इजरायल से अभी हाल ही में हमारे 1,300 अधिकारी दूसरा दौरा करके लौटे हैं, जिन्होंने वहां कृषि और दूसरे क्षेत्रों में पानी का इस्तेमाल कैसे हो रहा है इसको जाना और समझा. वॉटर रिसाइकिल पर इजरायल जिस तरीके से काम कर रहा है वह काबिले तारीफ है.

अय्यर ने कहा कि सभी स्वच्छ जल चाहते हैं लेकिन जल संचयन के बारे में सोचना होगा और जागरुकता फैलानी होगा. ग्रामीण इलाकों में अभी सिर्फ 18 फीसदी घरों में ही टैप वॉटर है और अगले 5 सालों में इसे सभी घरों में लागू करने की सरकार की योजना है. उन्होंने कहा कि जैसे खुले में शौच को लेकर जो बदलाव आया है ठीक वैसे ही पानी बचाने को लेकर जागरुकता फैलाने की जरूरत है. जल संचयन की दिशा में सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है.

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जरूरतों के हिसाब से काम कर रही सरकारः अय्यर

बड़े शहरों जैसे दिल्ली और मुंबई में पानी का रियूज काफी कम है, इस दिशा में सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जा रहे हैं. इस सवाल के जवाब में अय्यर ने कहा कि यह सच है. इसके लिए उन्होंने ग्रे वॉटर और ब्लैक वॉटर जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि इस पानी को कृषि और दूसरे क्षेत्रों में उपयोग किया जा सकता है. इस दिशा में भी इजरायल की तकनीक का हम इस्तेमाल कर रहे हैं.  

मोदी सरकार के जल पर देरी से काम करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है हर चीज का समय होता है. सरकार धीरे-धीरे सभी जरूरतों पर काम कर रही है. बिजली, सिलेंडर, शौचालय पर काम कर चुकी है. सरकार ने काम करके दिखाया है. अब पानी की बारी है. 

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