तमिलनाडु की पूर्व CM जयललिता का बंगला बनेगा मेमोरियल, मिली हरी झंडी

चेन्नई जिला कलेक्ट्रेट ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के बंगले वेद निलयम को मेमोरियल बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है. जयललिता की भतीजी दीपा और भतीजे दीपक ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है.

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जयललिता का बंगला बनेगा मेमोरियल जयललिता का बंगला बनेगा मेमोरियल

aajtak.in

  • चेन्नई,
  • 14 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 8:04 PM IST

चेन्नई जिला कलेक्ट्रेट ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के बंगले 'वेद निलयम' को मेमोरियल बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है. जिला प्रशासन ने वेद निलायम को मेमोरियल बनाने को लेकर रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है. यह फैसला सात महीने तक चेन्नई के पोएस गार्डन के निवासियों से चर्चा करने के बाद आया है.

रिपोर्ट में लिखा गया है, 'तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता एक असाधारण महिला थीं और देशभर की महिलाओं के लिए वह एक रोल मॉडल रही हैं. राज्य सरकार द्वारा उनके घर को सरकारी मेमोरियल बनाने का फैसला एकदम उचित है.'

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चेन्नई कलेक्टर आर. सीतालक्ष्मी ने पोएस गार्डन के मुद्दों को लेकर वहां के निवासियों को भी संबोधित किया. जे. जयललिता का घर वेद निलयम पोएस गार्डन में स्थित है. बता दें इस फैसले में इलाके के लोगों की भी भागीदारी रही है. प्रशासन ने मेमोरियल बनाने का फैसला इलाके के लोगों के साथ बैठकों के बाद लिया. रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन की नीति ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम, बेहतर सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था देकर मेमोरियल पर लोगों की संख्या बढ़ाने की है.  

जयललिता की भतीजी और भतीजे ने किया विरोध

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वेद निलयम को अधिकृत करने और मेमोरियल बनाने का फैसला सही नियमों के तहत लिया गया है और जनता की भलाई के लिए ऐसा किया जा रहा है. हालांकि अदालत में लंबित एक मामले के कारण सरकार के इस फैसले में देरी हो सकती है. जयललिता की भतीजी दीपा और भतीजे दीपक ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है. दोनों ही वेद निलयम को मेमोरियल में बदले जाने के खिलाफ हैं. कोर्ट में उन्होंने खुद को पूर्व मुख्यमंत्री का वारिस घोषित करने की अपील की है.

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तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मृत्यु 5 दिसंबर 2016 को हुई थी. चेन्‍नई के मरीना बीच पर पूरे राजकीय सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्‍कार हुआ था. मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति के वारिस तय करने को लेकर उठा-पटक जारी है.

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