सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त नियुक्त हुए पूर्व आर्मी चीफ दलबीर सुहाग

पूर्व सेना प्रमुख दलबीर सुहाग को सेशेल्स गणराज्य में भारत के अगले उच्चायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया. बता दें कि जनरल सुहाग दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली भारतीय सेना के 26वें सेना प्रमुख रहे हैं, वो 31 दिसबंर 2016 को इस पद से सेवानिवृत्त हुए.

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पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रि) दलबीर सिंह सुहाग (फोटो-एएनआई) पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रि) दलबीर सिंह सुहाग (फोटो-एएनआई)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 10:13 PM IST

उरी आतंकी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक के समय सेना प्रमुख रहे जनरल (रिटायर्ड) दलबीर सिंह सुहाग को केंद्र सरकार ने देश सेवा का एक और जिम्मा सौंपा है. पूर्व सेना प्रमुख सुहाग को सेशेल्स गणराज्य में भारत के अगले उच्चायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया.

बता दें कि जनरल सुहाग दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली भारतीय सेना के 26वें सेना प्रमुख रहे हैं, वो 31 दिसबंर 2016 को इस पद से सेवानिवृत्त हुए.

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गौरतलब है कि उरी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारा जबाव दिया था. सेना ने नियंत्रण रेखा के उस पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया और कई आतंकियों को मार गिराया और उनके ठिकाने भी ध्वस्त कर दिए थे.

जनरल सुहाग के बारे में 

जनरल सुहाग का जन्म दिल्ली से महज 65 किलोमीटर दूर हरियाणा के झज्जर जिले के एक छोटे से गांव विसाहन में हुआ. जनरल सुहाग को देश सेवा का जज्बा विरासत में मिला है. उनके पिता रामफल सिंह भी 18 कैवलरी रेजिमेंट से सूबेदार मेजर बनकर रिटायर हुए. जनरल सुहाग को घुड़सवारी और गोल्‍फ का शौक है. 

सुहाग की शुरुआती पढ़ाई राजकीय माध्यमिक विद्यालय विसाहन में हुई. चौथी की पढ़ाई के बाद जनरल सुहाग ने विसाहन गांव छोड़ दिया. आगे की पढ़ाई के लिए वो सैनिक स्कूल चितौड़गढ़ चले गए. सैनिक स्कूल में जनरल सुहाग एक होनहार विद्यार्थी थे. 1970 में उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) की परीक्षा पास की. उसके बाद दलबीर सिंह सुहाग ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

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भारत और सेशेल्स के रिश्ते

भारत और सेशेल्स दोनों देशों के बीच दोस्ताना रिश्ते हैं. बीते पांच साल में दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और सामरिक समेत कई मुद्दों पर द्वीपक्षीय वार्ताएं हुई हैं. भारत ने सेशेल्स को समुद्री निगरानी बढ़ाने के लिए और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने में मदद के लिए डोर्नियर विमान उपहार में दिए हैं. साथ ही भारत ने सेशेल्स को प्रतिरक्षा क्षमताओं और समुद्री बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए 10 करोड़ डॉलर का ऋण प्रदान करने की घोषणा की. 

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