क्या बांग्ला भाषा को आधिकारिक तौर पर लंदन की दूसरी भाषा घोषित किया गया है? सोशल मीडिया के तमाम यूजर्स तो यही दावा कर रहे हैं कि लंदन में 'आधिकारिक घोषणा' की गई है कि बांग्ला लंदन में अंग्रेजी के बाद दूसरी बड़ी भाषा है, उसके बाद पोलिश और तुर्की है.
The Sunrise Today नाम की एक वेबसाइट ने 3 दिसंबर को एक लेख छापा है जिसका शीर्षक है, 'बांग्ला लंदन की दूसरी भाषा बनी'. लेख में दावा किया गया है कि बंगाली आधिकारिक तौर पर लंदन में बोली जाने वाली दूसरी सबसे बड़ी भाषा बन गई है. इसके बाद पोलिश और तुर्की हैं.
वेबसाइट के इस लेख का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
इसी तरह फेसबुक पेज 'Getbengal' ने अपनी ही वेबसाइट का एक लिंक शेयर करते हुए दावा किया है, 'BREAKING! बंगाली आधिकारिक तौर पर लंदन में बोली जाने वाली दूसरी सबसे बड़ी भाषा बन गई है. इसके बाद पोलिश और तुर्की हैं. बंगाली होने पर गर्व करो, अपनी मातृ भाषा पर गर्व करो!' इस लेख में दावा किया गया है, 'बंगाली आधिकारिक तौर पर लंदन की दूसरी भाषा है, लंदन में रहने वाले करीब 71,609 लोगों की मुख्य भाषा बांग्ला है.'
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है. यह दरअसल एक निजी संस्था की ओर से किया गया सर्वे है जिसमें कहा गया है कि लंदन में अंग्रेजी के बाद आम तौर पर बोली जाने वाली दूसरी भाषा बांग्ला है.
हालांकि, वायरल हो रहे इस लेख में इस सर्वे का जिक्र तो किया गया है लेकिन गलत तरीके से यह दावा किया गया है कि इसकी 'आधिकारिक घोषणा' हुई है.
यह स्टोरी लिखे जाने तक फेसबुक पर इस पोस्ट को 600 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है. इसका आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
AFWA की पड़ताल
हमने इस दावे की पड़ताल के लिए गूगल पर कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया कि क्या बांग्ला भाषा को लंदन की दूसरी भाषा संबंधी कोई आधिकारिक घोषणा हुई है? लेकिन हमें इस संबंध में कुछ नहीं मिला. हमें एक प्राइवेट संस्था 'City Lit' की ओर से लंदन में बोली जाने वाली भाषाओं पर किए गए सर्वे की जानकारी जरूर मिली.
19 नवंबर को 'City Lit ' ने एक सर्वे रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें दिखाया गया है कि बांग्ला लंदन में आम तौर पर बोली जाने वाली दूसरी बड़ी भाषा है.
रिपोर्ट में कहा गया है, 'हमने हाल ही में आम तौर पर सर्वाधिक बोली जाने वाली फॉरेन लैंग्वेज को लेकर लंदन में एक रिसर्च किया... हमारे रिसर्च में सामने आया है कि अंग्रेजी के बाद बांग्ला दूसरी भाषा है जो आम तौर पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है. इसके बाद पोलिश और तुर्की है. लंदन में रहने वाले 71,609 ऐसे हैं जो बांग्ला बोलते हैं. तीन इलाकों में यह सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती है- कैमडेन, न्यूहम और टॉवर हेमलेट्स- ये तीनों शहर के सबसे बड़े इलाके हैं.'
स्पष्ट तौर पर इस रिपोर्ट का ब्रिटिश सरकार की ओर से की गई जनगणना से कोई लेना देना नहीं है. सिर्फ सरकारी जनगणना के द्वारा ही यह 'आधिकारिक घोषणा' की जा सकती है कि किसी इलाके में कौन सी भाषा सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है. ब्रिटिश सरकार की ओर से ऐसी आखिरी जनगणना 2011 में हुई थी. इस जनगणन के मुताबिक, अंग्रेजी ब्रिटेन की मुख्य भाषा है जिसे बोलने वालों की संख्या 92% प्रतिशत है.
2014 में RandomlyLondon नाम की वेबसाइट ने 2011 की जनगणना पर आधारित एक मैप इलस्ट्रेशन प्रकाशित किया था. इसमें कहा गया था कि लंदन में अंग्रेजी के बाद सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएं पोलिश और तुर्की हैं.
क्या है City Lit?
सिटी लिट (https://www.citylit.ac.uk/) लंदन की एक संस्था है जो आर्ट, डिजाइन और भाषा में विभिन्न लंबी और छोटी अवधि के कोर्स कराती है. इस संस्था की स्थापना 2019 में की गई थी और इसका रजिस्टर्ड दफ्तर लंदन के कॉन्वेंट गार्डेन के कीले स्ट्रीट में है.
निष्कर्ष
ब्रिटिश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट कहती है कि अगली जनगणना 2021 में होगी. इस तरह यह स्पष्ट है कि इस जनगणना के बाद ही ब्रिटेन और लंदन की भाषाओं की स्थिति स्पष्ट होगी. इसलिए कहा जा सकता है कि वायरल हो रहा दावा गलत है कि बांग्ला लंदन में बोली जाने वाली दूसरी सबसे बड़ी भाषा है.
रत्ना