दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने कारसेवा के लिए अपना पूरा जीवन लगा देने वाले बाबा बचन सिंह जी कारसेवा वाले को लगभग 6 करोड़ रुपये मूल्य के सोना, चांदी और हीरा गुरुघर में चल रहे कार्य पूरे करने के लिए भेंट किए.
अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में गुरुद्वारा बंगला साहिब और बाला साहिब हस्पताल के निर्माण के लिए चल रही कारसेवाओं को पूरा करने के लिए 16 किलोग्राम सोना, 31 किलोग्राम चांदी और एक हीरा बाबा बचन सिंह जी को सौंपने के बाद बाला साहिब हस्पताल की एक विंग के जल्द शुरू होने की बात कही.
मनजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बाबा बचन सिंह को उन्होंने दूसरी बार कारसेवा कार्यों के लिए सोना और चांदी सौंपी. बाबा जी जहां भी इसका इस्तेमाल करेंगे, वह संगतों की आवश्यकता और सहूलियत पर निर्भर करेगा. सचखंडवासी पंथरत्न बाबा हरबंस सिंह जी कारसेवा वालों का बाला साहिब हस्पताल शुरू करने का सपना पूरा करने के लिए कमेटी वचनबद्ध है. इसलिए बाला साहिब हस्पताल को निजी हाथों से छुड़ाकर कमेटी ने स्वयं शुरू करने का प्रस्ताव बीते दिनों कार्यकारिणी में पास कराया है.
बाबा हरबंस सिंह द्वारा उनके पिता जत्थेदार संतोख सिंह को 1980 के दशक के दौरान कही गई बातों को भी मनजीत सिंह ने याद किया. बाबा जी ने उस समय जत्थेदार जी को कहा था, ‘जत्थेदार जी आप गुरुधामों के लिए जमीनें प्राप्त करते जाएं और मैं तराशता जाऊंगा.' यह बात मुझे उस समय समझ नहीं आई थी, पर दिल्ली में जमीनों की आसमान छू रही कीमतों को देखने के बाद बाबा हरबंस सिंह की बात आज मुझे समझ आई है कि बाबा जी ने जमीनों को सोना और गुरुधामों-स्कूलों और अस्पतालों को गहना मानकर ये बात की थी.
सिंह ने साफ किया कि मौजूदा कमेटी ने गुरुधामों पर सोना लगाने पर पैसा खर्च करने की बजाय धर्मप्रचार, शिक्षा, इतिहास संभालने एवं सामाजिक कल्याण के काम करने पर बल दिया है. परन्तु कई स्थानों पर संगतों की श्रद्धा एवं सेवा को मुख्य रखकर सोना गुरूधामों पर लगाया भी गया है. इस संबंध में जीके ने बीते दिनों गुरुद्वारा बंगला साहिब के मुख्य दरवाजे पर सोना चढ़ाने की किसी गुरुप्रेमी द्वारा करवाई गई सेवा की भी हवाला दिया. राजा बलदीप सिंह द्वारा दी गई 10 किलो चांदी की तलवार भी बाबा जी को सुपुर्द की गई.
संजय शर्मा