पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पिछले सोमवार को मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना के बाद शुरू हुई डॉक्टरों की हड़ताल ने अब देशव्यापी रूप ले लिया है. पांचवें दिन शनिवार को देश की राजधानी नई दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों के विविध अस्पतालों के डॉक्टर भी इस घटना के विरोध और पश्चिम बंगाल के चिकित्सकों के समर्थऩ में हड़ताल पर रहे.
भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) भी हड़ताल के समर्थन में खुलकर आ गया है. संघ ने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर डॉक्टरों की मांगें नहीं माने जाने की स्थिति में सोमवार से कई स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने की घोषणा की है. संघ के अनुसार सोमवार की सुबह 6 बजे से मंगलवार की सुबह 6 बजे तक यह सेवाएं ठप कर दी जाएंगी.
एमआइए ने डॉक्टरों के साथ हो रही हिंसा के खिलाफ कठोर कानून बनाने की मांग की है. IMA इस मसले पर भारत सरकार के साथ औपचारिक बातचीत का इंतजार कर रहा है. सोमवार से 24 घंटे के लिए सभी गैर-जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं रोकने के लिए भी कहा गया है. इसके अलावा तब तक डॉक्टरों की चल रही हड़ताल भी जारी रहेगी.तृणमूल कांग्रेस के सांसद और भारतीय चिकित्सा संघ के अध्यक्ष शांतनु सेन ने NRS मेडिकल अस्पताल में हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से मुलाकात की है.
उन्होंने हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने के लिए भी कहा है. गौरतलब है कि शांतनु सेन ने हाल ही में कहा था कि डॉक्टर अपनी मांग के लेकर अड़े हुए हैं जो अच्छे संकेत नहीं है.
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के चिकित्सक छह सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने हड़ताल समाप्त करने की अपील की थी. ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर डॉक्टरों की लगभग हर मांग मान लेने की बात कही और हड़ताल समाप्त करने की अपील की.
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