दक्षिण में सियासी पारा चढ़ा, कवि तिरूवल्लुवर के भगवाकरण के विरोध में डीएमके सड़क पर उतरी

बता दें कि बीते सप्ताह तमिलनाडु बीजेपी ने कवि तिरूवल्लुवर की एक फोटो ट्वीट की थी. इसमें तिरूवल्लुवर को प्रचलित सफेद की जगह भगवा रंग की शॉल पहने हुए दिखाया गया था.

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कवि तिरूवल्लुवर की प्रतिमा कवि तिरूवल्लुवर की प्रतिमा

अक्षया नाथ

  • चेन्नई,
  • 06 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 12:03 PM IST

दक्षिण में सियासी पार चढ़ता जा रहा है. तमिल कवि और दार्शनिक तिरूवल्लुवर को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और (डीएमके) बीच जारी विवाद गरमा गया है. डीएमके लिट्रेसी विंग चेन्नई में तिरुवल्लुवर के भगवाकरण के विरोध में धरना दे रही है. भाजपा के इस कदम की डीएमके, सीपीआई और सीपीएम ने भी आलोचना की है.

बता दें कि बीते सप्ताह तमिलनाडु बीजेपी ने तिरूवल्लुवर की एक फोटो ट्वीट की थी. इसमें तिरूवल्लुवर को प्रचलित सफेद की जगह भगवा रंग की शॉल पहने हुए दिखाया गया था. इसे लेकर द्रविड़ समूहों ने बीजेपी की कड़ी आलोचना करते हुए पार्टी पर भगवाकरण करने का आरोप लगाया था.

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डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने भाजपा के इस कदम को विश्वासघात बताया है. उन्होंने कहा कि इससे भाजपा का खोखलापन उजागर होगा. स्टालिन ने ट्वीट किया, ' तिरूवल्लुवर को रंगने की जगह उनके लेखन से सीख लें और खुद को सुधारें..' तिरूवल्लुवर तमिल साहित्य के बड़े कवि थे. उनके नाम 1330 दोहे का संग्रह था.

डीएमके ने नई शिक्षा नीति का विरोध किया था

इससे पहले डीएमके की ओर से नई शिक्षा नीति के ड्राफ्ट का विरोध किया गया था. फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ‘एक राष्ट्र, एक भाषा’ संबंधी बयान पर आपत्ति व्यक्त की गई थी. साथ ही डीएमके ने ट्रैफिक चालान के फॉर्म में तमिल भाषा के गायब होने पर विरोध जताया था.

बोरवेल में गिरे बच्चे के बचाव को लेकर उठाए थे सवाल

डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने बोरवेल में गिरे बच्चे सुजीत विल्सन को लेकर चलाए गए बचाव अभियान पर भी सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु सरकार ने रेस्क्यू ऑपरेशन को सही ढंग से अंजाम नहीं दिया. स्टालिन ने कहा था कि मंत्रियों ने मीडिया इंटरव्यू को ज्यादा तरजीह दी लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन पर नहीं.

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