शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों से मिलने वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और वकील साधना रामचंद्रन गुरुवार को एक बार फिर पहुंचे थे. बुधवार की बातचीत बेनतीजा रही थी, वहीं दूसरे दिन साधना रामचंद्रन प्रदर्शनकारियों से बातचीत के दौरान नाराज हो गईं. दरअसल, वार्ता के बीच एक प्रदर्शनकारी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को गलत कह दिया था, जिस पर साधना रामचंद्रन बिफर गईं.
उन्होंने कहा कि हम आपकी बात को सुनने के लिए ही यहां आए हैं. कल हम अलग-अलग जगह पर 10-15 महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बात करना चाहेंगे. आगे उन्होंने कहा कि यहां बात करने लायक माहौल नहीं बन पा रहा है. अगर ऐसे ही रहा तो हम कल नहीं आ पाएंगे. हालांकि ब्लॉक सड़कों का जायजा लेने के बाद मीडिया से बातचीत में वार्ताकारों ने कहा कि हमारी मध्यस्थता वार्ता जारी है. हम कल फिर से शाहीन बाग आएंगे.
शाहीन बाग है और बरकरार रहेगा
इससे पहले मंच से साधना रामचंद्रन ने कहा कि आप ने हमें बुलाया था, इसलिए हम आए हैं. आप लोगों के जो मुद्दे हैं वो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे चुके हैं. आपके सवाल सुप्रीम कोर्ट के सामने हैं. सुप्रीम कोर्ट में CAA पर सुनवाई होनी है. सुप्रीम कोर्ट मानता है कि आंदोलन आपका हक है. शाहीन बाग है और शाहीन बाग बरकरार रहेगा. हमें कोर्ट ने सड़क को लेकर बातचीत के लिए भेजा है.
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मामला फिर सुप्रीम कोर्ट में जाएगा...
साधना रामचंद्रन ने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान नहीं हो सकता. हम हल निकालने की कोशिश करना चाहते हैं. हम चाहते हैं रास्ता भी खुले और आंदोलन भी चलता रहे. अगर बात नहीं बनी तो मामला फिर सुप्रीम कोर्ट जाएगा. वहीं, वार्ताकार संजय हेगड़े ने कहा कि प्रदर्शन से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए. हम चाहते हैं कि शाहीन बाग का प्रदर्शन देश के लिए मिसाल हो. जब तक सुप्रीम कोर्ट है आपकी बात सुनी जाएगी.
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बता दें कि नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ ये प्रदर्शन 15 दिसंबर से शुरू हुआ था. अब इस प्रदर्शन को 68 दिन हो चुके हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी हार मानने को तैयार नहीं हैं. वहीं, सुप्रीम कोर्ट की ओर से शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए दो वार्ताकारों को नियुक्त किया गया है. इनमें संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन शामिल हैं.
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