घाटी पर है पाकिस्तान की बुरी नजर, बालाकोट जैसे एक्शन ने रोका- रक्षा मंत्री

राजनाथ सिंह ने रक्षा जगत की नई चुनौतियों का जिक्र किया और कहा कि नए और उभरते विश्व में युद्धक्षेत्र केवल जमीन, आसामान और समुद्र तक ही सीमित नहीं रह जाएगा. बल्कि यह स्पेस और साइबर क्षेत्र में भी फैल जाएगा.

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फोटो- एएनआई) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फोटो- एएनआई)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 2:18 AM IST

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान से जुड़े खतरे को लेकर देश को एक बार फिर से आगाह किया है. स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान की बुरी नजर है, लेकिन पुलवामा के बाद भारत की ओर से किए गए एयर स्ट्राइक ने उसे ऐसा कोई कदम उठाने से रोक रखा है. सशस्त्र सेनाओं को दिए संदेश में राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार तीनों बलों के बीच तालमेल और सहयोग बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है.

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राजनाथ सिंह ने कहा, "हमारे पड़ोसी देश की जम्मू-कश्मीर पर लगातार बुरी नजर है, वह आतंकवादियों को हमारी जमीन पर भेजता है और घाटी की शांति को भंग करता है." रक्षा मंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, "पुलवामा में 14 फरवरी को हुए एक आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 बहादुर जवान शहीद हो गए, पाकिस्तान पुलवामा जैसे हमले की साजिश फिर से रचता, उससे पहले ही हमारे जवानों ने सीमा पार हवाई हमले करके आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करके जवाबी हमला किया."

बता दें कि 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले के लगभग दो सप्ताह बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर कार्रवाई की थी और आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को नेस्तानाबूद कर दिया था.

राजनाथ सिंह ने रक्षा जगत की नई चुनौतियों का जिक्र किया और कहा कि नए और उभरते विश्व में युद्धक्षेत्र केवल जमीन, आसामान और समुद्र तक ही सीमित नहीं रह जाएगा. बल्कि यह स्पेस और साइबर क्षेत्र में भी फैल जाएगा. राजनाथ सिंह ने कहा, "इसे ध्यान में रख कर हमने इस साल 27 मार्च को 'मिशन शक्ति' के तहत एंटी सैटेलाइट मिसाइल का सफल परीक्षण किया...इसके साथ ही भारत अमेरिका, रूस और चीन जैसे चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया जिनके पास यह क्षमता है."

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हालांकि राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की रक्षा नीति क्षेत्रीय, महाद्वीपीय और वैश्विक स्तर पर शांति और स्थायित्व कायम करने की है. सशस्त्र सेनाओं को भरोसा दिलाते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे देश की सुरक्षा के मोर्चे पर सशस्त्र बल हैं, ऐसे में, वे देश को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि सरकार सैन्य बलों का मनोबल ऊंचा रखने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए हर आवश्यक काम करेगी.

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