प्रभावित इलाकों को पूरी तरह सील करके रोका जाएगा कोरोना वायरस का संक्रमण

सामूहिक नियंत्रण की रणनीति के तहत किसी विशेष क्षेत्र में संपूर्ण बंद को सख्ती से लागू किया जाएगा. जहां ऐसा किया जाएगा वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग, लोगों की सक्रिय निगरानी, सभी संदिग्ध मामलों के परीक्षण, संदिग्ध और मरीजों को एकांत में रखने जैसे उपाय अपनाए जाएंगे.

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फाइल फोटो-पीटीआई फाइल फोटो-पीटीआई

मुनीष पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 08 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 11:49 PM IST

  • भारत सामुदायिक संक्रमण की ओर बढ़ रहा है
  • पूरे देश में सामूहिक नियंत्रण की रणनीति लागू

पिछले एक सप्ताह में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या में वृद्धि के साथ भारत सामुदायिक संक्रमण की ओर बढ़ रहा है. सरकार ने अब सामुदायिक संक्रमण के जरिये कोरोनो वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में सामूहिक नियंत्रण की रणनीति (cluster containment strategy) लागू की है.

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कोरोना वायरस के मामलों में पिछले एक सप्ताह में तेज वृद्धि हुई है. इसे देखते हुए सरकार ने उन राज्यों में सामूहिक नियंत्रण की रणनीति लागू की है, जहां सामुदायिक संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. कई मामलों में ऐसा हुआ कि किसी मरीज में कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया लेकिन वायरस आया कहां से इसका पता नहीं चल पाया है. इसने अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है क्योंकि इससे सामुदायिक संक्रमण का खतरा है.

इंडिया टुडे को मिली विस्तृत जानकारियों के मुताबिक, सामूहिक नियंत्रण की रणनीति में यह होगा कि जहां कोरोना वायरस पाया जाता है, वहां वह एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र तक ही फैला होगा. इसलिए अगर कहीं पर कोरोना वायरस पाया जाता है तो शुरुआती अवस्था में ही उसका पता लगा कर ट्रांसमिशन यानी संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जाए और इसे नए क्षेत्रों में फैलने से रोक दिया जाए.

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200 से अधिक जिलों में कोरोना के मामले

देश के 200 से अधिक जिलों में अब भी कोरोना वायरस के नये मामले सामने आ रहे हैं, जबकि दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ रही है. आगरा, गौतम बुद्ध नगर, भीलवाड़ा, पाटनमथिट्टा (केरल), पूर्वी दिल्ली और मुंबई के कुछ हिस्सों में इस रणनीति को लागू किया गया और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "हमने इन रणनीतियों को लागू करने के लिए कुछ राज्यों और विशेष रूप से जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है."

सामूहिक नियंत्रण की रणनीति के तहत किसी विशेष क्षेत्र में संपूर्ण बंद को सख्ती से लागू किया जाएगा. जहां ऐसा किया जाएगा वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग, लोगों की सक्रिय निगरानी, सभी संदिग्ध मामलों के परीक्षण, संदिग्ध और मरीजों को एकांत में रखने जैसे उपाय अपनाए जाएंगे.

मुंबई में धारावी और दिल्ली में निजामुद्दीन जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में सामुदायिक संक्रमण की अधिक संभावना है. सरकार और विशेषज्ञों के अनुसान ऐसे इलाकों में सामूहिक नियंत्रण की रणनीति ही प्रभावी समाधान है.

मुंबई में कोरोना वायरस के मामलों की निगरानी कर रहे डॉ गौतम भंसाली ने इंडिया टुडे से कहा, “हम उस चरण में हैं जहां से हम सामुदायिक संक्रमण के चरण में प्रवेश कर सकते हैं. मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में पुलिस की मदद से सामूहिक नियंत्रण की रणनीति को सख्ती से लागू की जानी चाहिए. अगर हमने दो हफ्ते तक इसे लागू कर लिया तो हम वायरस का प्रसार रोक सकेंगे.”

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योगी सरकार ने भी 15 अप्रैल तक राज्य के 15 जिलों में हॉटस्पॉट चिन्हित करके उन्हें पूरी तरह से सील करने की घोषणा की है. ये ऐसे इलाके हैं जहां पर कोरोना वायरस के 6 से अधिक मामले हैं. इन पंद्रह जिलों में गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, लखनऊ, आगरा, कानपुर, वाराणसी, शामली, सहारनपुर, फिरोजाबाद, बुलंदशहर, बरेली, बस्ती, महाराजगंज और सीतापुर हैं.

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले ही हजारों संदिग्ध मामलों का तकनीकी सर्विलांस शुरू कर दिया है ताकि सामुदायिक संक्रमण रोका जा सके. दिल्ली सरकार ने कोरोनो वायरस प्रभावित इलाकों में आम लोगों के भी परीक्षण की व्यवस्था की है.

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