कोरोना वायरस की महामारी के कारण देश में लॉकडाउन लागू है. लॉकडाउन के तीन चरणों के दौरान यातायात के साधनों के साथ ही पार्क और ग्राउंड भी बंद कर दिए गए थे. किसी को भी मॉर्निंग वॉक की भी इजाजत नहीं थी. लॉकडाउन के दौरान नियमों की खूब धज्जियां उड़ीं. आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से सिगरेट आदि भी बिके, वहीं कुछ रसूखदार लोगों ने पार्कों में मॉर्निंग वॉक भी किए.
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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक अधिकारी को अंदर टलने की इजाजत देने के मामले में सरकार ने कब्बन पार्क की प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है. प्रदेश सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है. हालांकि, रोक के बावजूद टहलने की अनुमति लेकर पार्क में टहलने वाले आईपीएस अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
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गौरतलब है कि बागवानी विभाग की उपनिदेशक जी कुसुम के पास कब्बन पार्क का भी प्रभार था. लॉकडाउन के दौरान कब्बन पार्क को भी नागरिकों के लिए बंद कर दिया गया था. पार्क में किसी को आने की इजाजत नहीं थी. आरोप था कि कुसुम ने एक आईपीएस अधिकारी को पार्क के अंदर टहलने की अनुमति दी. सरकार ने नोटिस जारी कर जी कुसुम से इस मामले में जवाब मांगा था. अब उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है.
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बता दें कि पिछले दिनों पुलिस विभाग के तीन अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी. इन पुलिस अधिकारियों पर सिगरेट के डीलरों से रिश्वत लेकर सिगरेट की बिक्री में उनकी सहायता करने का आरोप लगा था, जबकि लॉकडाउन के दौरान सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध था. जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था. अब बागवानी विभाग की उपनिदेशक को सस्पेंड किए जाने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है.
नागार्जुन