देश में 29 फीसदी कोरोना मरीज तबलीगी जमात से जुड़े, 23 राज्य प्रभावित

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में तबलीगी जमात की वजह से कोरोना के मामले बढ़े हैं. संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि जो 14378 केस अब तक सामने आए हैं उनमें से 4291 यानी लगभग 29.8 प्रतिशत केस मरकज से संबंधित पाए गए हैं.

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इन दिनों सुर्खियों में है तबलीगी जमात (फाइल फोटो: PTI) इन दिनों सुर्खियों में है तबलीगी जमात (फाइल फोटो: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 8:19 PM IST

  • देश में अब तक 4291 कोरोना केस तबलीगी जमात से जुड़े
  • 23 राज्यों से सामने आए तबलीगी जमात से जुड़े केस

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव लव अग्रवाल ने कोरोना वायरस से संबंधित अपडेट देने के लिए बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब तक का डेटा देखें तो देश में 1992 मरीज ठीक हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि क्योर परसेंटेज 13.85 प्रतिशत है और कल से कुल 991 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं. इस तरह देश में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 14378 तक पहुंच चुकी है. पिछले 24 घंटों में 43 और लोगों की जान गई है. इस वजह से मौत का आंकड़ा 480 पर पहुंच गया है.

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लव अग्रवाल ने कोरोना से हुई मौतों पर चर्चा करते हुए आगे कहा कि डेथ की जो डिटेल्स आई हैं, उसको हम एनलाइज करें तो हमारे देश में मोरटलिटी करीब 3.3 प्रतिशत पाई गई है. जिसमें अगर आयुवार विश्लेषण करें तो पाते हैं कि 0-45 साल के आयुवर्ग में 14.4 प्रतिशत लोगों की जान गई है. 45-60 आयुवर्ग में यह 10.3 प्रतिशत, 60-75 आयुवर्ग में 33.1 प्रतिशत, 75 साल से ऊपर के मरीजों में यह 42.2 प्रतिशत रहा है. यानी कि 75.3 मामलों में 60 से ज्यादा उम्र के लोगों की मौत हुई है.

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संयुक्त स्वास्थ्य सचिव ने तबलीगी जमात की वजह से बढ़े मामलों की बात भी की. उन्होंने कहा कि आज हम लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की बात करते हैं. हर आदमी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है क्योंकि अगर किसी के घर में कोई बुजुर्ग है तो उनको इनफेक्शन पास होने का खतरा बढ़ जाता है. जो 14378 केस अब तक सामने आए हैं उनमें से 4291 यानी लगभग 29.8 प्रतिशत केस निजामुद्दीन मरकज क्लस्टर से सिंगल सोर्स से संबंधित पाए गए हैं.

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लव अग्रवाल ने कहा कि इस वजह से 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से ऐसे केस सामने आए. मुख्यत: तमिलनाडु, दिल्ली, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसी हाई बर्डन स्टेट्स में इससे जुड़े मामले पाए गए. तमिलनाडु में 84 प्रतिशत केस, दिल्ली में 63 प्रतिशत, तेलंगाना में 79 फीसदी, यूपी में 59 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश में 61 प्रतिशत केस तबलीगी जमात के इवेंट से जुड़े हुए हैं.

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उन्होंने आगे कहा कि कुछ ऐसे राज्य भी हैं जहां कोरोना के केस कम थे लेकिन वहां भी जमात से जुड़े लोगों के मामले सामने आए. जैसे कि अरुणाचल प्रदेश में जो एक मामला आया वो इससे जुड़ा था. असम में 35 मामलों में से 32 केस यानी कि 91 प्रतिशत केस जमात से जुड़े थे. अंडमान में 12 में से 10 यानी की 83 प्रतिशत केस का भी यही लिंक पाया गया.

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सोशल डिस्टेंसिंग की अहमियत बताते हुए उन्होंने आगे कहा, "यह बात इसलिए सामने लाई गई कि समझा जा सके कि सरकार की सलाह के अनुसार लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग अगर कोई एक भी व्यक्ति पालन नहीं करता है तो उसके पालन ना करने से देश को किन हालातों से गुजरना पड़ता है. हम सबको मिलकर यह कोशिश करनी है कि हम सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें. डिसीज मैनेज करने के लिए लॉकडाउन से संबंधित डूज और डोंट्स को फॉलो करें."

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