कोरोना वायरस को लेकर फेक न्यूज का बाजार गर्म है. लोग सोशल मीडिया पर तरह- तरह की अफवाह फैला रहे हैं. सरकार ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को एडवाइजरी जारी की है. जो भी व्यक्ति कोरोना वायरस को लेकर किसी भी तरह की गलत खबरें सोशल मीडिया पर फैलाएगा या पोस्ट करेगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पश्चिम बंगाल पुलिस ने नॉर्थ 24 परगना जिले के हाब्रा से एक युवक को गिरफ्तार किया है जो कोरोना वायरस को लेकर फेक न्यूज फैला रहा था.
कोरोना को लेकर गलत जानकारी पोस्ट की
पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना के हाब्रा का रहने वाला बिप्लब सरकार म्यूनिसपैलिटी में कॉन्ट्रैक्चुअल लेबर के तौर पर काम करता है. बिप्लब 20 मार्च को पड़ोस में रहने वाली महिला के घर गया. उसने महिला से पूछा कहां से आ रही हो. इस पर महिला ने जवाब दिया कि उसका बच्चा बीमार है उसे अस्पताल से चेक करा कर आ रही हूं. फिर बिप्लब सरकार ने उस महिला से दवाई का प्रिस्क्रिप्शन और महिला का फोन नंबर मांगा और उसे सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट कर दिया जिसमें लिखा कि बच्चे को कोरोना वायरस हो गया है.
इस खबर को फैलने में देर नहीं लगी और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया. लोग महिला को फोन करके धमकी देने लगे की वह अपने बच्चे को यहां से चली जाए. किसी अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में रखें. महिला ने लोगों को समझाया कि उसके बेटे को कोरोना वायरस नहीं हुआ है वह सिर्फ रूटीन चेकअप के लिए अपने बच्चे को अस्पताल लेकर गई थी. लेकिन इस दौरान लोगों का गुस्सा और दबाव उस परिवार पर बढ़ता गया. परेशान होकर महिला ने पुलिस में कम्पलेंट की. हरकत में आते ही पुलिस ने उस युवक बिप्लब सरकार को गिरफ्तार कर आज कोर्ट में पेश किया.
उस महिला के बेटे को ब्रेन ट्यूमर है हाल ही में वो बेंगलुरु और हैदराबाद में उसका इलाज करा कर लौटी थी. लेकिन घटना के बाद उस परिवार की पूरी जिंदगी ही बदल गई. आसपास के लोगों ने महिला से बातचीत बंद कर दी है और दुकानदारों ने उसे सामना तक देने से मना कर दिया.
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