सोशल मीडिया पर मास्क, सुरक्षा उपकरणों की कमी बताने वाले डॉक्टर सुधाकर राव को कथित तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है. उन पर हुई इस कार्रवाई के बाद आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उनके बेटे नारा लोकेश ने राज्य की जगन सरकार पर निशाना साधा है.
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि डॉक्टर सुधाकर राव ने नरसीपट्टनम सरकारी अस्पताल में मास्क और ग्लव्स की कमी के बारे में बताया. ये राज्य सरकार की न्यूनतम जिम्मेदारी है. मुद्दे पर ध्यान देने के बजाय डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया. डॉक्टर का एकमात्र अपराध एन-95 मास्क की मांग करना था. यह सरासर चौंकाने वाला है.
चंद्रबाबू नायडू ने इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए कहा कि यदि डॉक्टर्स का इस तरह अनादर किया जाएगा तो कैसे जगन मोहन रेड्डी दूसरों की रक्षा करने के लिए डॉक्टर को प्रेरित करेंगे. इस कठिन दौर में डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों की सुरक्षा और देखभाल की जानी चाहिए.
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चंद्रबाबू नायडू ने साझा किया एक और वीडियो
चंद्रबाबू नायडू ने एक डॉक्टर का वीडियो भी साझा किया. वीडियो में डॉक्टर अपने और हजारों साथियों के लिए सुरक्षात्मक मेडिकल गियर की मांग कर रहा है. चंद्रबाबू नायडू ने जगनमोहन रेडड्डी से पूछा कि क्या आप इन्हें भी सस्पेंड करेंगे.
वहीं चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश ने कहा कि जब एक डॉक्टर सरकार की असफलता के बारे में बताता है तो उसे सस्पेंड कर दिया जाता है. यह पूरे मेडिकल कम्युनिटी को हत्तोसाहित करना है. ये लोग मरीजों की सेवा में लगे हैं.
क्या कहा था डॉ राव ने
डॉ राव के मुताबिक बीते 15 दिन में डॉक्टरों को एक ही मास्क मिला है. स्थिति का मुआयना करने के लिए न तो कोई विधायक और न ही कोई मंत्री अस्पताल में आया है. डॉ राव ने आरोप लगाया कि अस्पताल का जिला समन्वयक भी ऐसे संकट के वक्त उपलब्ध नहीं है.
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डॉ राव ने मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी से तत्काल दखल देने का आग्रह किया. डॉ राव ने तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव की ओर से हेल्थकेयर स्टाफ के लिए सुरक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित करने की सराहना की.
नरसीपट्टनम में कोरोना के 5 केस
नरसीपट्टनम में कोरोना के पांच केस सामने आ चुके हैं. ऐसे में मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर ने अपनी और अपने साथी स्टाफ की सुरक्षा के लिए चिंता जताई है. वीडियो में डॉ राव ने कहा कि 150 बेड्स वाले अस्पताल में न्यूनतम सुविधाएं भी नहीं हैं और उस पर पॉजिटिव मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी है.
आशीष पांडेय