नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कोनराड संगमा ने आज मेघालय के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. मेघालय विधानसभा चुनाव में 21 सीटें जीतने के बावजूद कांग्रेस सरकार नहीं बना सकी. एनपीपी, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP), पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (PDF), बीजेपी और HSPDP (हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) के गठबंधन से मेघालय में गैर कांग्रेसी सरकार बनी है, जिसकी कमान कोनराड संगमा ने संभाल ली है.
पढ़ाई के बाद पिता के साथ करियर की शुरुआत
27 जनवरी 1978 को जन्मे कोनराड संगमा ने फाइनेंस में एमबीए किया है. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद 1990 के दशक के अंतिम वर्षों में कोनराड संगमा ने पिता पीए संगमा के प्रचार प्रबंधक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की. उस समय पीए संगमा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में थे. राकांपा से विवाद के बाद अलग होकर पीए संगमा ने जुलाई 2012 में नेशनल पीपुल्स पार्टी का गठन किया था.
मेघालय के सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री
2008 के विधानसभा चुनाव में राकांपा के टिकट पर कोनराड अपने भाई जेम्स संगमा के साथ पहली बार विधायक चुने गए. उस दौरान वह राज्य सरकार में कई अहम पदों पर रहे और मेघालय के सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री बने. पहली बार वित्त मंत्री बनने के 10 दिन में ही उन्होंने बजट पेश किया था .
जीती अपने पिता की खाली हुई सीट
मेघालय विधानसभा में 2009-2013 तक कोनराड संगमा विपक्ष के नेता रहे. पिता पीए संगमा के निधन के बाद खाली हुई तुरा सीट पर हुए उपचुनाव में मई 2016 में वे सांसद चुने गए. वे सितंबर 2016 से ऊर्जा पर बनी संसद की स्थायी समिति के सदस्य हैं.
कोनराड संगमा का परिवार
राजनेता, कारोबारी और समाजसेवी कोनराड संगमा के पिता पीए संगमा मेघालय के मुख्यमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष रहे, जबकि उनकी बहन अगाथा संगमा पिछली कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार-दो में मंत्री रही थीं. अगाथा संगमा 15वीं लोकसभा में सांसद चुनी गई थीं. कोनराड के भाई जेम्स संगमा भी विधानसभा सदस्य हैं. पीए संगमा के निधन के बाद कोनराड नेशनल पीपुल्स पार्टी के मुखिया बने.
सुरभि गुप्ता