चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जगदीश सिंह खेहर ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कहा कि हर नागरिक को अपनी धार्मिक और जातीय पहचान के साथ ही अपने भारतीय होने पर भी गर्व करना चाहिए.
न्यायमूर्ति खेहर ने नई दिल्ली में सर्वोच्च न्यायालय बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में अपने संबोधन में कहा, 'हर किसी को अपनी धार्मिक और जातीय पहचान पर गर्व होना चाहिए. संविधान में भी यही लिखा है. उन्होंने कहा कि उन्हें सिख होने पर गर्व है.
इस मौके पर चीफ जस्टिस ने कहा कि भारत एक अद्भुत देश है, यहां हर नागरिक को बराबर मौके मिलते हैं. हमारे वर्तमान राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री उदाहरण हैं कि कैसे सामान्य पृष्ठभूमि से आकर भी देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर काबिज हुआ जा सकता है. सभी नागरिक बराबर हैं. राष्ट्रपति कोविंद एक दलित परिवार से आते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कभी चाय बेचते थे.
अपने बारे में उन्होंने कहा कि मैं इस देश के नागरिक के रूप में पैदा नहीं हुआ, लेकिन जब मैं नागरिक बना, तो मैं दूसरों के बराबर बन गया और अंत में देश का मुख्य न्यायाधीश बन गया. खेहर केन्या के नागरिक के तौर पर पैदा हुए थे क्योंकि उनके पैरेंट्स उन दिनों वहीं रहते थे.
लव रघुवंशी